| खेल | विजे़ता | उपविजे़ता | सर्वश्रेष्ट्र खिलाड़ी |
| बास्केटबॉल (लड़कियाँ) | JMC | SRCC | मनौती पासी (JMC) |
| बास्केटबॉल (लड़के) | KMC | बिट्स पिलानी | सचिन (KMC) |
| वॉलीबॉल (लड़कियाँ) | KNC | बिट्स पिलानी | पराची मालिक |
| वॉलीबॉल (लड़के) | BRCM | बिट्स पिलानी | विजय अमलाकर(बिट्स) |
| टेबल टेनिस (लड़कियाँ) | बिट्स पिलानी | JUIT, सोलन | हर्षा रस्तोगी (बिट्स) |
| टेबल टेनिस (लड़के) | बिट्स पिलानी | IIT कानपुर | ऋषभ श्रोफ (डी. जे. सांघवी) |
| क्रिकेट | हंसराज | BKBIET | अमितोज़ सिंह (हंसराज) |
| बैडमिन्टन (लड़कियाँ) | बिट्स पिलानी | MNIT | कृति सोनी (बिट्स) |
| बैडमिन्टन (लड़के) | TITS | बिट्स पिलानी | कृतेश (बिट्स) |
| कैरम | बिट्स पिलानी | बिट्स पिलानी | दीपलॉय दत्ता (बिट्स) |
| टेनिस (लड़के) | सरदार पटेल | UCE | जयराज देसाई (सरदार पटेल) |
| टेनिस (लड़कियाँ) | बिट्स पिलानी | बिट्स पिलानी | मनीषा (बिट्स) |
| टेनिस (मिश्रित युगल) | बिट्स पिलानी | IT-BHU | -- |
| हॉकी | IIT – रुड़की | बिट्स पिलानी | राजेश (IIT – रुड़की) |
| फ़ुटबाल | SRCC | बिट्स पिलानी | उज्ज्वल मुख़र्जी |
| स्क्वैश | बिट्स पिलानी | बिट्स पिलानी | विशेष अग्रवाल |
| चेस(क्लासिकल) | IIT – कानपुर व बिट्स पिलानी | -- | |
| पज़ल सोल्विंग | बिट्स पिलानी | IPS | -- |
| ब्लिट्ज | MNIT | IIT – कानपुर | निपुण चौरसिया |
Monday, September 21, 2009
बॉसम 2009 विजे़ता
पदक तालिका
रैंक | कॉलेज | स्वर्ण | रजत |
1 | बिट्स पिलानी | 29 | 31 |
2 | MNIT, जयपुर | 12 | 11 |
3 | SBMJC | 6 | 2 |
4 | MBM | 4 | 0 |
5 | IPS, इंदौर | 3 | 4 |
6 | KITS , रामटेक | 3 | 3 |
7 | RKNC, नागपुर | 3 | 0 |
8 | डी. जे. सांघवी | 2 | 0 |
9 | KMC | 2 | 0 |
10 | MITS | 2 | 0 |
11 | IT-BHU | 1 | 6 |
12 | LIET | 1 | 2 |
13 | IIT – कानपुर | 1 | 2 |
14 | BKBIET | 1 | 2 |
15 | SRCC | 1 | 1 |
16 | JMC | 1 | 0 |
17 | KNC | 1 | 0 |
18 | BRCM | 1 | 0 |
19 | हंसराज | 1 | 0 |
20 | BMIT | 1 | 0 |
21 | TITS | 1 | 0 |
22 | सरदार पटेल | 1 | 0 |
23 | IIT – रुड़की | 1 | 0 |
24 | JUIT, सोलन | 0 | 4 |
25 | JNU | 0 | 1 |
26 | BVRIT | 0 | 1 |
27 | UCE, कोटा | 0 | 1 |
28 | बिट्स हैदराबाद | 0 | 1 |
चैंपियनशिप का विजेता – MNIT, जयपुर
Sunday, September 20, 2009
टेनिस
|
| मैच | समय |
| सेमीफाइनल 1(युगल) | IT-BHU - बिट्स पिलानी | 09:00 |
| सेमीफाइनल 2(युगल) | बिट्स पिलानी- बिट्स पिलानी | 11:00 |
| फाइनल(युगल) |
| 15:00 |
| फाइनल (लड़कियाँ) | बिट्स ए – बिट्स बी | 07:30 |
| फाइनल (लड़के)
| सरदार पटेल कॉलेज - यूनि. कॉलेज | 16:30 |
बैडमिन्टन
20/09/09
बैडमिन्टन
|
| मैच | समय |
| फाइनल (लड़कियाँ) | बिट्स ए - MNIT | 15:00 |
| फाइनल (लड़के)
| बिट्स ए - TIT | 16:00 |
बास्केटबॉल (लड़कियाँ)
20/09/09
बास्केटबॉल (लड़कियाँ)
|
| मैच | समय |
| सेमीफाइनल 1 | JMC - LNIPE | 06:30 |
| सेमीफाइनल 2 | बिट्स पिलानी - SRCC | 07:30 |
| फाइनल |
| 18:00 |
वॉलीबॉल (लड़कियाँ)
वॉलीबॉल (लड़कियाँ)
|
| मैच | समय |
| तृतीय स्थान के लिए | MNIT - MITS | 08:00 |
| फाइनल | बिट्स पिलानी - KNC | 16:30 |
वॉलीबॉल (लड़के)
वॉलीबॉल(लड़के)
|
| मैच | समय |
| तृतीय स्थान के लिए | IIT कानपुर- BMIT | 08:00 |
| फाइनल | बिट्स पिलानी - BRCM | 17:30 |
क्रिकेट
20/9/2009
क्रिकेट
|
| मैच | समय |
| सेमीफाइनल 1 | बिट्स पिलानी - BKBIET | 07:00 |
| सेमीफाइनल 2 | SBMJC - हंसराज | 11:00 |
| फाइनल |
| 14:30 |
Saturday, September 19, 2009
फुटबॉल
स्क्वैश
टेबल टेनिस
दूसरा मैच जेपी – सोलन कॉलेज और डी.जे.संघवी कॉलेज के बीच खेला गया जिसमे डी.जे.संघवी कॉलेज ने 3-1 से मैच अपने नाम किया |
टेबल टेनिस का तीसरा मैच बिट्स (लड़के )बनाम बी.वी.आर.ई.टी. कॉलेज हैदराबाद हुआ जिसमे बिट्स पिलानी ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 3-0 से सफलता हासिल की |संपर्क किये जाने पर उन्होंने हमे बताया कि वे आगे भी इसी प्रकार से खेलने का प्रयास करेंगे |
चौथा मैच आज बिट्स पिलानी का आई.आई.टी. राजस्थान से हुआ जिसमे आई.आई.टी. राजस्थान 0-3 से हार गयी |वहीँ पांचवा मैच बिट्स ए और एल.आई.ई.टी. के बीच हुआ, इसमें भी बिट्स का पलडा पूरी तरह से भारी रहा और बिट्स-ए 3-0 से विजयी रहा |
आज केवल एक ही सेमीफाइनल मैच सम्पन्न हो पाया जिसमे बिट्स पिलानी का मुकाबला डी.जे.संघवी कॉलेज से हुआ और इस मैच में काफी संघर्ष के बाद बिट्स पिलानी ने सफलता हासिल की और डी.जे.संघवी कॉलेज को 3-2 से हराया |
क्रिकेट
बास्केटबॉल
इस मैच के ठीक बाद बिट्स पिलानी (लड़कों) का सामना वसावी से हुआ | वसावी के खिलाडियों में तालमेल की कमी साफ़ नज़र आ रही थी | बिट्स के खिलाड़ी बास्केट पर बास्केट किये जा रहे थे और वासावी के खिलाड़ी बिट्स की टीम के सामने असहाय से नज़र आ रहे थे | हाफ टाइम तक बिट्स ने 29 -2 से बढ़त बना ली थी | मैच के एकतरफा होने से दर्शकों का उत्साह भी पिछली बार से कम नज़र आ रहा था | हांलाकि हाफ टाइम के बाद बिट्स की टीम कम बास्केट कर पायी | अंत में बिट्स ने 39 -2 से यह मैच जीत कर अपना विजय अभियान जारी रखा |
बैडमिन्टन
वॉलीबॉल
डोज बॉल
कैरम
वि-वि-वि ने मचाई धूम
पावरलिफ्टिंग
1. 62 किलो -रजत पदक – रजत बत्रा (BITS)
2. 62-69- स्वर्ण -मिथिल (MNIT) ,रजत -नीरज
3. 69-77 स्वर्ण -प्रदीप (MNIT) ,रजत -अजीत (KITS)
4. 77-85 स्वर्ण -राजेंद्र और अभिजीत ,रजत -वैभव
5. 85+ रजत -यश (BITS)
बस यूँ ही
परन्तु यदि कुछ नया था तो वह था सुबह सुबह उठ कर असाइंमेंट पूरा कर उसे गंतव्य तक करने की मशक्कत, आप तक खबरें पहुँचने की कयावाद के बीच अपने कुछ ट्युट्स की खबर लेने की असफल कोशिश…वास्तव में ..एक तरफ यह उत्सव सा माहौल देश भर से आये मेहमानों की यथोचित देखभाल एवं सत्कार के प्रयासों के बीच, इन सब के द्वारा हमसे क्या अपेक्षित है, यह समझ के बाहर है | आखिर एक खेल महोत्सव सिर्फ खिलाड़ियों से तो संपन्न होता नहीं बल्कि उनके समानान्तर परिश्रम होता है अन्य परिश्रमी जनता का, जो अपना पूरा जी-जान लगाती है उन सभी पहलुओं पर, जिससे की खिलाडी अपना ध्यान पूरी तरह से सिर्फ खेल पर टिका सकें | ऐसे में एक ही दिन में यह 2 तरह की दिनचर्या ? हैरान करने वाली हो जाती है | जब सभी को इस बात का इल्म है की यह एक पूरी तरह से छात्र-छात्राओं द्वारा ही प्रबंधित फेस्ट है , ऐसे मूल्यांकित होने वाले सेशंस का क्या आशय !!
खैर, एक बार पुनः , ये तो "उपरवाले" ही जानें !!
एक और बात, यह भी सुनने में आया है की कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो अभी भी किसी सामान्य दिवस की भांति सुबह उठकर !!! क्लासें लगाते हैं एवं कमरों में आकर पढ़ते हैं एवं और पढ़ते हैं एवं थोडा और पढ़ कर फिर सो जाते हैं!! अर्थात बस बाहर कुछ ही कदम दूर एक वृहद् महोत्सव का आयोजन हो रहा है पर इससे उन्हें कोई फरक नहीं पड़ता | तो मेरे भाइयों, कक्षाएं अवश्य जाओ, सारी जाओ, हर बारी जाओ, पर इतना भी निर्विकार न रहो अपने इस आयोजन से | हर मौके पर किसी न किसी के लिए कुछ खास तो होता ही है | तो अपने लिए भी इस मौके पर कुछ खास, कुछ यादगार बनाओ… कुछ नहीं तो खेल तो अवश्य ही देखो वरना कहीं ऐसा नहो की 4 साल युहीं गुज़र जायें और जब आप यहाँ से जायें, तो साथ ले जाने के लिए मुट्ठी भर यादें भी न हो !!
सो.. जी भर कर लुत्फ़ उठाइए… इस जोश एवं जूनून की अभिव्यक्ति के वृहद् मंच का ..यहाँ सबले लिए कुछ न कुछ तो है ही… तो चुन लीजिये अपनी मंजिल…
सम्मान पटल
| खेल | टीम | परिणाम |
| टेबल टेनिस (लड़कियाँ) | IIT राजस्थान – बिट्स | बिट्स 3-0 से विजयी |
| टेबल टेनिस (लड़के) - लीग मैच | बिट्स(ब) – IIT राजस्थान | बिट्स(ब) 3-0 से विजय |
सेमी फाइनल | बिट्स(अ) – डी. जे. सांघवी | बिट्स(अ) 3-2 से विजयी |
| बास्केटबॉल (लड़कियाँ) | बिट्स पिलानी – JMC | JMC 38-15 से विजयी |
| बास्केटबॉल (लड़के) | MNIT – बिट्स पिलानी | बिट्स पिलानी 29-5 से विजयी |
| बिट्स पिलानी – वासावी | बिट्स पिलानी 39-2 से विजयी | |
| क्रिकेट | PEC – डी. जे. सांघवी | डी. जे. सांघवी 8 रनों से जीता |
| बिट्स पिलानी – जोधपुर यूनि. | बिट्स पिलानी 30 रनों से जीता | |
| TCET – IIT रुड़की | IIT रुड़की विजयी | |
| फुटबॉल | IIT रुड़की – JAYPEE गुना | IIT रुड़की 3-0 से विजयी |
| सिंघानिया – PEC | PEC 4-0 से विजयी | |
| हॉकी | IIT रुड़की – IT BHU | IIT रुड़की 4-0 से विजयी |
| IIT रुड़की – बिट्स पिलानी | IIT रुड़की 2-0 से विजयी | |
| वॉलीबॉल (लड़के) | बिट्स पिलानी – BKBIET | बिट्स पिलानी विजयी |
| बैडमिंटन (लड़के) – सिंगल्स | बिट्स(ब) – IPS | बिट्स(ब) 2-1 से विजयी |
| बिट्स(अ) – JAYPEE | बिट्स(अ) 2-0 से विजयी | |
| IIT राजस्थान – IIT रुड़की | IIT रुड़की 2-0 से विजयी | |
| बैडमिंटन (लड़कियाँ) – सिंगल्स | बिट्स(ब) – JIET | JIET 2-0 से विजयी |
| बैडमिंटन (लड़के) – डबल्स | बिट्स(अ) – IPS | बिट्स(अ) 2-0 से विजयी |
| बैडमिंटन (लड़कियाँ) – डबल्स | बिट्स(ब) – JIET | JIET 2-0 से विजयी |
| टेनिस (लड़के) | बिट्स(अ) – IPS | बिट्स(अ) 2-0 से विजयी |
| बिट्स(ब) – बिट्स हैद. | बिट्स(ब) 9-3 से विजयी | |
| टेनिस (लड़कियाँ) | बिट्स(अ) – MNIT | बिट्स(अ) 8-2 से विजयी |
| बिट्स(ब) – बिट्स हैद. | बिट्स(ब) 9-3 से विजयी |
| प्रतिस्पर्धा | परिणाम | कॉलेज |
| लड़के - फ्री स्टाइल 400 मी. | विश्वा पारेख प्रथम (5:27:38) | बिट्स पिलानी |
फ्री स्टाइल 100 मी. | विश्वा पारेख प्रथम (1:04:00) | बिट्स पिलानी |
बटरफ्लाई 50 मी. | शैलेश त्रिपाठी प्रथम (1:03:94) | RKMC |
ब्रेस्ट स्ट्रोक 50 मी. | हेमंत इमोलिया प्रथम(0:39:47) | IPS |
| लड़कियाँ - फ्री स्टाइल 100 मी. | मोनिका प्रथम (1:56:38) | बिट्स पिलानी |
ब्रेस्ट स्ट्रोक 50 मी. | शैली जैन प्रथम (0:50:94) | बिट्स पिलानी |
| प्रतिस्पर्धा | परिणाम | कॉलेज |
| 3000 मी. (लड़के) | अमित खरे | KITS |
| 800 मी. (लड़के) | सागर शेट्टी | MNIT |
| 400 मी. (लड़के) | कृष्णमूर्ति | SBMJC |
| जेवलिन (लड़के) | भारतप्रताप सिंह | किरोड़ीमल |
| 400 मी. (लड़कियाँ) | निकिता | बिट्स पिलानी |
| जेवलिन (लड़कियाँ) | मधु मिश्रा | IT-BHU |
पेंट या फेंट
"माउंटेन ड्यू" द्वारा प्रायोजित इस खेल में दो टीम होती हैं जिन्हें विजय प्राप्त करने के लिए प्रतिद्वंदी टीम के सभी खिलाडियों
को अपनी बन्दूक से मार गिराना होता है| घबराइये नहीं, इसमें चोट न लगे इसके लिए बहुत सावधानी का प्रयोग किया गया है | और गोली की जगह पर रंगीन पेंट की बाल्स हैं, जिनसे इकलौता खतरा यह है कि अगर ये आपको छू लें तो आप खेल से बाहर हो जाते हैं | दोनों दलों का एक झंडा होता है है | जीत निश्चित करने का एक तरीका यह भी है कि आप अपने विपक्षी का झंडा उसके क्षेत्र से उठा कर अपने क्षेत्र में लगा दें |
सभी इच्छुक प्रतिभागियों के लिए एक आवशयक सूचना- सिर्फ पहले 300 खिलाडियों के लिए ही पंजीकरण निःशुल्क है | तो शीघ्र ही सी लान जाइये और खेल का लुत्फ़ उठाइए |
बैडमिन्टन
इसी वर्ग में आई.टी. बी.एच.यु. ने अपने सभी मुकाबलों में विजय प्राप्त की | एक अन्य रोमांचक मुकाबले में टी.आई.टी.कॉलेज ने आई.आई.टी.,कानपुर को 2-0 से पटखनी दी |
वहीँ दूसरी ओर लड़कियों के एकल वर्ग में बिट्स,पिलानी की लड़कियों ने अपना जलवा कायम रखते हुए अपने सभी मैच जीते |
युगल मुकाबलों में बिट्स,पिलानी के सिद्धार्थ और विनय ने एक प्रमुख मुकाबले में जे.एन.यु. के मोहित और अर्जुन को सीधे सेटों में मात दी | पहले सेट में उन्होंने बड़ी आसानी से अपने विरोधियों को 21-7 से हराकर बढ़त ले ली | हालाँकि दूसरे सेट में मोहित और अर्जुन ने वापसी की, पर वे बिट्स,पिलानी के प्रतियोगियों के सामने ज्यादा देर टिक न सके |
वहीँ लड़कियों के वर्ग में एम्.एन.आई.टी.,जयपुर की प्रीती और कृतिका ने आई.टी.,बी.एच.यु. की अदिति और यशु को 21-8, 21-15 से मात दिया और अपने कॉलेज को अगले सत्र में पहुचने में सफलता प्राप्त की |
Friday, September 18, 2009
इन्फॉर्मल्ज़
खेल के पहले दिन ही एंटी चेस में 60 से अधिक लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाया | यह प्रतियोगिता तीन चरणों में होगी | जिसमें पहले चरण में एंटी चेस, दूसरे चरण में आकस्मित मौत(सडन डेथ) और तीसरे चरण में मैजिक–चेस का आयोजन किया जा रहा है | एंटी-चेस खेल का मुख्य उद्देश्य अपने सभी मोहरों को खो देना है |
इसके अलावा टग ऑफ़ वार में भी दर्शकों ने बढ-चढ़ कर हिस्सा लिया | इस खेल में बाहर के कॉलेज के प्रतिभागियों ने भी हिस्सा लिया | खेल के नियमों के अनुसार एक दल में 6 से अधिक खिलाडी तभी हो सकते हैं जब उस दल के सभी सदस्यों का वजन 521 से अधिक न हो | शुरुआती दौर में 16 टीमों ने भाग लिया जिसमें अंत में तीन सर्वश्रेष्ठ को चुन कर दो टीमें बनायीं जाएँगी जिनके बीच फाइनल करवाया जायेगा |
पानी ही पानी - तैराकी
इन में 800 मी.फ्री-स्टाईल, 100 मी.ब्रेस्ट–स्ट्रोक और 50 मी.बटरफ्लाई थी |
शाम को 100 मी. बैक-स्ट्रोक और 4×50 मेडले रेले हुई |
इनके परिणाम कुछ इस प्रकार रहे :-
स्वर्ण रजत कांस्य
1.) 800 मी. फ्री-स्टाईल - आदित्य गुप्ता श्रवण एस. सौरभ कोठारी
(एल.आई.ई.टी, अलवर) (बिट्स, पिलानी) (बिट्स , पिलानी)
2.) 100 मी. ब्रेस्ट-स्ट्रोक हेमंत वैभव शास्त्री प्रांशु कचोलिया
(आई.पी.एस. इंदौर) (बिट्स, पिलानी) (बिट्स,पिलानी)
3.) 100 मी. ब्रेस्ट-स्ट्रोक ईशा व्यास श्वेता कामथ कौसल्या गुणसागर (महिला)
(बिट्स, पिलानी) (बिट्स, पिलानी) (एम. एन. आई.टी.,जयपुर )
4.) 50 मी. बटरफ्लाई याध्नेश आर. पठाव कार्तिक श्रीधरन सौरभ भट्टाचार्य
(डी. जे. सांघवी) (बिट्स,पिलानी) (बिट्स,हैदराबाद)
5.) 50 मी. बटरफ्लाई शिल्पी भार्गव शैली जैन श्वेता कामथ (महिला)
(एम.बी.एम.,जोधपुर) (बिट्स,पिलानी) (बिट्स,पिलानी)
6.) 100 मी. बैक-स्ट्रोक शैलेश त्रिपाठी सिद्धार्थ मित्तल नीलाभ भट्टाचार्य
(आर.के.एन..सी.,नागपुर) (बिट्स,पिलानी) (बिट्स,पिलानी)
7.) 100 मी. बैक-स्ट्रोक शिल्पी भार्गव मोनिका ईशा व्यास (महिला)
(एम.बी.एम.,जोधपुर) (बिट्स,पिलानी) (बिट्स,पिलानी)
8.) 4×50 मेडले रिले बिट्स-पिलानी-ए आइ.पी.एस.,इंदौर बिट्स-पिलानी-बी
बल्ले का बोलबाला
आज सुबह 11 बजे बिट्स-पिलानी बनाम वसावी कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग मैच की शुरुआत हुई | वसावी ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया और उनकी शुरुआत अच्छी रही | उनके एक सलामी बल्लेबाज ने 38 का स्कोर बनाया, पर बाकि कोई भी बल्लेबाज दहाई अंक के स्कोर तक नहीं पहुँच पाया | बिट्स-पिलानी के गौरव जैन ने सर्वाधिक 4 विकेट चटकाए | वसावी की पूरी टीम 111 के स्कोर पर सिमट गयी | बिट्स पिलानी ने अपना पहला विकेट जल्द ही गँवा दिया लेकिन दूसरे सलामी बल्लेबाज और कप्तान अनिरुद्ध ने कप्तानी पारी खेलते हुए 30 रन बनाये और गेंद को अक्षय के छत की भी सैर करवाई | पिछले वर्ष के कप्तान अनंत ने भी 38 का स्कोर बनाया जिससे अंत मैं मैच बिल्कुल एक तरफा हो गया | बिट्स-पिलानी ने 2 विकेट के नुक्सान पर ही अपने लक्ष्य को हासिल कर लिया |
इसके अलावा बी.वी.आर.आई.टी और हंसराज कॉलेज दिल्ली के बीच हुए मैच में हंसराज कॉलेज विजयी रहा |
एम.एन.आई.टी-जयपुर बनाम एस.पी.एस.यू मैच करीबी और रोमांचक रहा | एस.पी.एस.यू को जीतने के लिए 3 ओवर मैं 22 रन बनाने थे लेकिन एम.एन.आई.टी ने अपनी शानदार क्षेत्ररक्षण का प्रदर्शन करते हुए मैच अपने कब्जे में कर लिया |
बास्केट की खबरें
"गो बिट्स गो" के नारों के साथ कई और तरीकों से बिट्सियन्स अपनी टीम का उत्साहवर्धन कर रहे थे | आधे समय तक बिट्स की टीम 23-8 से आगे थी | बिट्स की टीम का "ताल-मेल" और "प्रतिरक्षा" बहुत ही अच्छा रहा |
आधे समय के बाद बिट्स की टीम लगातार बास्केट करती गयी और अंततः उन्होंने ये मैच 47-21 से जीत लिया | विजेता टीम के कप्तान एंटोनियो ने कहा कि वे अपने प्रदर्शन से सन्तुष्ट हैं पर यह उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं था | अभी भी उनकी टीम को अपने खेल में काफी सुधार लाने की ज़रूरत है |
इस मैच के ठीक बाद बिट्स पिलानी (लड़कियाँ) का एम.आई.टी.एस. के साथ मुकाबला हुआ | बिट्स की लड़कियों ने तो और भी जबरदस्त शुरुआत करते हुए पहले 5 सेकंड के अन्दर पहला बास्केट कर दिया | पर उसके तुंरत बाद ही एम.आई.टी.एस. ने एक "थ्री-पॉइंटर" स्कोर करते हुए बढ़त बना ली | उसके बाद तो बिट्स की टीम लगातार स्कोर करती गयी और आधे समय तक उन्होंने 22-7 से बढ़त बना ली थी | आधे समय के बाद मुकाबला थोड़ा बराबरी का चला पर आखिर में बिट्स ने 34-17 से यह मुकाबला जीत लिया | टीम की कप्तान नुपुर अपने प्रदर्शन से बहुत प्रसन्न थीं पर उन्होंने कहा कि अगले मैच में वे लोग "फाउल" कम करने का प्रयास करेंगे |
एक अन्य मैच में किरोड़ीमल कॉलेज ने हंसराज कॉलेज को अत्यंत रोमांचक मुकाबले में 62-61 से हराया |
फिर से हैट्रिक !!!
उज्जवल ने कहा की एस.आर.सी.सी की टीम उन्हें आखिरी मुकाबले के लिए कड़ी टक्कर दे सकती है | यह पूछे जाने पर कि आगे आने वाले मैच मैं उनकी टीम की रणनीति क्या होगी? उन्होंने जवाब दिया की वे इन्हीं 11 खिलाड़ियों के साथ मैच की शुरुआत करेंगे और मैच के शुरूआती दौर में अधिक से अधिक गोल करने की कोशिश करेंगे |
कैरम
| क्रमांक | मैच | समय | विजेता |
1 | बिट्स – अ — वासावी | 07:00 | बिट्स – अ |
2 | बिट्स – ब — GIMS, दिल्ली | 20:00 | बिट्स – ब |
3 | बिट्स – स – SBMJC, कोलार | 19:00 | SBMJC |
क्रमांक | मैच | समय |
1 | बिट्स – अ — बिट्स – ब | 19:00 |
2 | बिट्स – ब — SBMJC | 19:00 |
3 | बिट्स – अ — SBMJC | 19:00 |
एथलेटिक्स
प्रतिस्पर्धा | समय |
5000 मी. (लड़के) | 06:30 |
800 मी. (लड़कियाँ) | 07:30 |
1500 मी. (लड़के) | 08:00 |
शॉटपुट (लड़कियाँ) | 09:30 |
शॉटपुट (लड़के) | 10:00 |
डिस्कस थ्रो (लड़कियाँ) | 11:00 |
डिस्कस थ्रो (लड़के) | 11:30 |
100 मी. (लड़कियाँ) | 14:30 |
100 मी. (लड़के हीट्स) | 15:30 |
प्रतिस्पर्धा | समय |
3000 मी. (लड़के) | 07:00 |
3000 मी. (लड़कियाँ) | 07:45 |
800 मी. (लड़के) | 08:15 |
200 मी. (लड़कियाँ) | 09:00 |
200 मी. (लड़के) | 09:30 |
जेवलिन थ्रो (लड़के) | 15:00 |
जेवलिन थ्रो (लड़कियाँ) | 16:00 |
100 मी. (लड़के फाइनल) | 16:30 |
काउंटर स्ट्राइक !!
अब देखना है की जनता का इस बार इस पर कैसा असर रहता है !!
चक दे !!
मल्ला रेड्डी कॉलेज, आंध्र प्रदेश
आई.टी – बी.एच.यू से मुलाकात
जेपी – सोलन (हिमाचल प्रदेश)
Thursday, September 17, 2009
बिट्स हैदराबाद से मुलाकात
प्रश्न : सुदीप सबसे पहले यह बताएं की आपका बिट्स-पिलानी के परिसर में अब तक का अनुभव कैसा रहा ?
उत्तर : बहुत ही अच्छा अनुभव रहा है | हमें यहाँ पर्याप्त सुविधायें उपलब्ध करायी जा रही हैं | यहाँ पर रहने और खाने की अच्छी व्यवस्था है | अभी तक हमारी टीम को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा है |
प्रश्न : आपकी ओर से कितने प्रतियोगी प्रतिस्पर्धाओं में हिस्सा ले रहे हैं ?
उत्तर : कुल मिलाकर हमारे 35 खिलाडी भाग ले रहे हैं, जिसमें 6 प्रथम वर्षीय हैं |
प्रश्न : इनमें से कितने खिलाड़ी राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेले हैं ?
उत्तर : हमारी टीम में जिला स्तर तक खेले हुए खिलाडी हैं | कोई भी राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक नहीं खेला है |
प्रश्न : आपका कॉलेज किन-किन प्रतिस्पर्धाओं में भाग ले रहा है ?
उत्तर : हमारे कॉलेज से क्रिकेट, वॉलीबॉल, टेबल टेनिस, चेस, लॉन टेनिस और तैराकी की टीमें आयीं हैं |
प्रश्न : आपको अपनी किन-किन टीमों से ज़्यादा उम्मीदें हैं ?
उत्तर : हमें वैसे तो सबसे ही अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है, पर लॉन टेनिस, तैराकी और चेस के खिलाडियों से काफी ज़्यादा उम्मीदें हैं |
प्रश्न : क्या आप इससे पहले किसी और स्पोर्ट फेस्ट में हिस्सा ले चुके हैं ?
उत्तर : हाँ, हम बिट्स-गोवा के फेस्ट, स्प्री में भाग ले चुके हैं | वहाँ हमारी टेनिस की टीम ने कांस्य पदक हासिल किया था |
विशेष साक्षात्कार - सुश्री सुरभि मिश्रा
प्रश्न : पिलानी तक की आपकी यात्रा कैसी रही? एवं बिट्स पिलानी पहुँचने पर आप कैसा महसूस कर रही हैं?
उत्तर : जयपुर से पिलानी तक की यात्रा निश्चित रूप से लम्बी एवं उबाऊ थी | पर यहाँ आकर मुझे काफी अच्छा महसूस हो रहा है| यहाँ आकर मैंने पाया कि यहाँ की सुविधाएं एवं मूलभूत ढांचा बाकी सभी समानान्तर संस्थानों से काफी बेहतर है | मेरे ख़याल से यह भारत में सर्वोत्कृष्ट हैं और बाहर के संस्थानों के भी समतुल्य हैं |
प्रश्न : मुख्य अतिथि बन ने का आमंत्रण मिलने पर आपकी प्रतिक्रिया क्या रही?
उत्तर : दरअसल मैं उस वक़्त घर पर नहीं थी | यह सूचना मुझे अपने घरवालों से मिली | पहले तो मुझे विश्वास ही नहीं हुआ की बिट्स पिलानी ने मुझे आमंत्रित किया है क्यूंकि मुझे पता है की बिट्स पिलानी का क्या कद है | क्योंकि यहाँ दाखिला पाने के लिए मैंने बच्चों में जूनून देखा है |
प्रश्न : यहाँ के खिलाडियों एवं दर्शकों के उत्साह को आप कैसे आंकती हैं?
उत्तर : जितना अब तक मैंने यहाँ देखा है, उसके हिसाब से तो खेलकूद को लेकर भी यहाँ के इन मेधावी छात्रों में उत्साह की कोई कमी नहीं है | यह निश्चित रूप से प्रशंसनीय है |
प्रश्न : भारत में स्क्वैश की वर्तमान स्थिति के बारे में आप क्या कहना चाहेंगी? आज स्क्वैश सिर्फ बड़े लोगों का खेल माना जाता है | इसे आम आदमी तक लाने के लिए आप क्या सुझाव देना चाहेंगी?
उत्तर : स्क्वैश उत्तर भारत में बहुत लोकप्रिय नहीं है | पर जैसे हम दक्षिण की ओर जाते हैं या फिर मेट्रोस में यह काफी खेला जाता है | खासकर मुंबई, दिल्ली के कॉलेजों में खेला जाता है | मेरा मानना है कि यदि इसे टीवी पर प्रसारित किया जाये तो इसकी लोकप्रियता काफी हद तक बढ़ सकती है | जो भी खेल टीवी पर दिखाया जाता है, उसमें लोग रूचि लेते हैं और उसे खेलने की इच्छा उनमें जागृत होती है | तो यदि इसे टीवी पर दिखाया जाए तो लोगों में इसकी रूचि निश्चित रूप से बढ़ सकती है | इसके अलावा प्रशासन को भी स्कूलों और कॉलेजों में इसके लिए मूलभूत ढांचा देना चाहिए ताकि हर तरह के लोग इसे खेल सकें |
स्क्वैश मुख्यतः जोशीले एवं फुर्तीले लोगों का ही खेल है | लोग फिट रहने के लिए खेलते हैं पर स्क्वैश खेलने के लिए आपको फिट होना चाहिए |
प्रश्न : अपने बारे में हमें कुछ बताएं |
उत्तर : मैंने 11 वर्ष की उम्र से ही खेलना शुरू कर दिया था | एवं आठ महीने पश्चात ही जूनियर स्तर की विजेता थी | लोगों के कहने पर मुझे एहसास हुआ कि मैं वाकई अच्छा खेलती हूँ | तब मेरा शौक मेरे जूनून में परिवर्तित हो गया एवं आज यह मेरा प्रोफेशन है | बचपन से ही मेरे अंकल मेरे कोच रहे हैं |
प्रश्न : वर्तमान में आप किन प्रतियोगिताएं पर ध्यान केन्द्रित कर रही हैं?
उत्तर : पिछले दो सालों में मैंने बहुत नहीं खेला है | पर अब मैं मुख्यतः अपना ध्यान WISPA पर ही केन्द्रित कर रही हूँ | मैं कॉमनवेल्थ खेलों की संभावितों में शामिल हूँ और मेरा मुख्य ध्येय कॉमनवेल्थ और एशियन खेल ही हैं |
प्रश्न : बिट्सियन लड़कियों के लिए आपके फिटनेस टिप्स |
उत्तर : मैं खुद सुबह डेढ़ घंटे और शाम को 3-4 घंटे के लिए अभ्यास करती हूँ | रोज़ का थोड़ा पैदल चलना एवं दौड़ना ही यहाँ की लड़कियों के लिए काफी है |
प्रश्न : बिट्सियन जनता के लिए आपका सन्देश |
उत्तर : सबसे पहले तो मेरे लिए यहाँ आना ही गर्व की बात है | मैं यहाँ दोबारा ज़रूर आना चाहूंगी | साथ ही मैं लड़कियों से आग्रह करूंगी कि वे भी खेलों में बढ़-चढ़कर भाग लें | और अंत में यही कहूँगी की हार-जीत उतनी ज़रूरी नहीं जितना खेलना |
और ऐसे हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रूप से प्रोफ. एन.वी. मुरलीधर राव एवं प्रोफ. जी रघुरामा द्वारा दीया जलाने से हुई | तत्पश्चात खेल सचिव वीरा विक्रम ने जनता को संबोधित किया | अपने जोशीले भाषण में उन्होंने सभी प्रतिभागियों का इस 5 दिवसीय महोत्सव में स्वागत किया | साथ ही 70 प्रतियोगिताएं एवं 20 लाख के विशाल बजट वाले इस आयोजन के वृहद् स्वरुप पर भी प्रकाश डाला |
प्रोफ. जी रघुरामा ने अपने संबोधन में सुरभि मिश्रा को सभी के लिए एक उदहारण बताया, क्योंकि वह सिर्फ 19 साल की उम्र में ही देश का नाम रोशन कर रही हैं | उन्होनें सभी को सच्ची खेल भावना का परिचय देने को कहा एवं हार-जीत से ऊपर उठकर खेलने को कहा | अंत में उन्होंने सभी आने वाले दिनों के लिए शुभकामनाएं दी |
प्रोफ.आर.के.मित्तल ने दर्शकों को सही तरीके से उत्साह प्रदर्शन करने का सन्देश दिया एवं सभी कोचों एवं प्रतिभागियों का अभिनन्दन किया | मुख्य अतिथि सुरभि मिश्र ने सभी को सच्ची खेल भावना से खेलने का सन्देश दिया एवं कहा कि खेलों का उद्देश्य तो सर्वांगीण विकास है | उन्होनें बिट्स को यह आयोजन सफल होने की शुभकामनाएं दी |
इन सब के उपरांत क्षेत्रीय संगठनों ने अपने गीत एवं नृत्य के रंगारंग कार्यक्रम से जनता का दिल जीत लिया | साथ ही अक्टूबर में होने वाले हमारे सांस्कृतिक महोत्सव ओएसिस का ट्रेलर भी दिखाया गया |
पारंपरिक रूप से उद्घाटन समारोह का हिस्सा रहा बास्केट बाल मैच भी खेला गया | टीमें थी बिट्स पिलानी एवं मालारेड्डी हैदराबाद | अंत में मेजबान ने विपक्षी दल को 13-2 से पराजित किया | इस प्रकार बॉसम 2009 का आरंभ हुआ | आशा है की जो उत्साह पहले दिन देखने को मिला वही आगे भी दर्शनीय होगा |
Wednesday, September 16, 2009
आरम्भ है… प्रचंड है!!
बिट्स की कर्मभूमि में खेलों के इस महाकुम्भ का अनावरण यद्यपि औपचारिक रूप से अभी नहीं हुआ है ..तथापि खेल शुरू हो चुके हैं , एवं उत्साह एवं जोश की हलचल हर तरफ विदित है .. बिट्स पिलानी में आये सभी मेहमानों का हार्दिक स्वागत है एवं आने वाले दिनों के लिए शुभकामनाएं … कॉलेज में अपने नवागंतुक कदम रखते हुए ही हर बिट्सियन की आँखों के सामने जो सबसे पहला जश्न का मौका आता है…वह यही होता है….नए नए कैम्पस , विषय , प्रोफेसर्स , सिनिअर्स , भोजन इन सब से रूबरू होते ही कब एक पहला महीना बीत जाता है .पता ही नहीं चलता ..और उसके बाद आता है यह खेलो का मेला | शहर से दूर इस कसबे में इतनी चहल पहल देखना निश्चित रूप से नयी आँखों के लिए एक सुखद आश्चर्य होता है , एवं देश भर से आये हुए कॉलेजों की भीड़ देख कर ही एहसास होता है पहली बार अपने बिट्स पिलानी होने के गौरव का |
हालाँकि ये प्रश्न सभी के जेहन में रहता है की जब इतना कुछ हो रहा है कैम्पस में , तब आप कैसे भला हम विद्यार्थियों से क्लासों में आने की अपेक्षा कर सकते हैं | वो भी तब जब सारा इन्तेजाम हमें ही करना है … खैर ..शायद इन्ही कुछ कारणों से हमारे यहाँ क्लास लगाने की बाध्यता नहीं है | पर इस वक़्त के बीच में टेस्ट्स assignments रखने का क्या मतलब ??
खैर ये तो “ऊपरवाले” ही जाने !!
इसमें कोई दो राय नहीं है की आने वाले कुछ दिन जोश एवं मस्ती से भरपूर होने वाले हैं .. तो आप सब भी .. जो की अपने अपने कमरों में बैठे हुए हैं ..बाहर चलिए और इस जश्न का पूरा लुत्फ़ उठाइए !!
हिन्दी दिवस – एक सोच
हिन्दी के राजभाषा बनने पर हिन्दी में एम.ए. किए ‘हिन्दी सेवियों’ की भी पूछ बढ़ी। कोयला से ले कर रेल मन्त्रालय तक हिन्दी अधिकारियों के पद सर्जित हुये। बैंकों में तो अच्छे ग्रेड में हिन्दी अधिकारी लगे। ऐसा भी समय आ गया था कि हिन्दी-विषय केवल लड़कियां ही लेती थीं। समय बदला और प्राईवेट कोचिंग अकेडेमियों में रतन, प्रभाकर पढ़ाने वाले हिन्दी अधिकारी लगने लगे। ‘हिन्दी’ के साथ ‘अधिकारी’ शब्द लगा तो आदर सूचक था। वेतन और ग्रेड भी आकर्षक था। यहां हिन्दी सही मायनों में रोटी रोजी के साथ जुड़ी।
किसी भी भाषा को राजभाषा बनाना सरकार की इच्छा शक्ति पर निर्भर करता है। मुगल काल में उर्दू-फारसी का चलन सरकार ने किया। आज भी गांव देहात के अनपढ़ बुजुर्ग सत्तर प्रतिशत उर्दू के शब्दों का प्रयोग जाने अनजाने में करते हैं। इसी तरह ब्रिटिश शासन ने अंग्रेजी को थोपा । आज भी ठेठ ग्रामीण महिलाएं कहती हैं, “आज मेरा मूड ठीक नहीं है या मैं बोर हो रही हूँ ।”
हिमाचल प्रदेश में ”हिमाचल प्रदेश अधिनियम,1975” पारित हुआ जिसके अनुसार प्रदेश की राजभाषा नागरी लिपि में हिन्दी घोषित की गई। इसी तरह की इच्छाशक्ति का परिचय दिया था हिमाचल प्रदेश के तत्कालीन मुख्य मन्त्री शान्ताकुमार ने। उन्होंने सरकार से आदेश करवा दिये कि 26 जनवरी 1978 से सरकार का सारा कामकाज हिन्दी में होगा। इस आश्य की अधिसूचना 12 दिसम्बर 1977 का जारी की गई जिसमें मेडिकल कॉलेज, विधि विभाग और तकनीकी विभाग के अधीन औद्योगिक प्रशिक्षण को छोड़ कर सारा कामकाज हिन्दी में करने के आदेश थे। इस पर बहुत हाय-तौबा मची, हिन्दी टंकण यन्त्र न होने, हिन्दी स्टेनो-टाईपिस्ट न होने जैसे कई बहाने भी लगाए गये। किन्तु सरकार की इच्छा शक्ति थी तो हिन्दीकरण लागू हुआ। उस समय इसे हिन्दी में ”स्विच ओवर” कहा गया था। उस समय जो मुख्य सचिव थे, वे हिन्दी में हस्ताक्षर तक नहीं कर सकते थे। सब वाधाओं के बाबजूद भी ‘स्विच ओवर’ हुआ। हिन्दी टंकण, आशुलिपि का प्रशिक्षण सरकारी स्तर पर दिया गया। अग्रेजी टंकण मशीनों की खरीद, अंग्रेजी टाईपिस्टों, आशुलिपिकों की नियुक्ति पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगाया गया। जहां मुख्य मन्त्री जाते, रातों-रात सड़कों के मील पत्थर, सर्किट हाउसों के कमरे ‘कक्षों’ में बदल जाते। कोई भी अधिकारी मुख्य-मन्त्री को अंग्रेजी में फाईल प्रस्तुत नहीं कर सकता था। ऐसे में कई तरह के मजाक भी बने कि यदि कुछ अनुमोदित करवाना है तो हिन्दी में नोटिंग लिखो, सचिवों को हिन्दी पढ़नी आती नहीं, जो मर्जी हिन्दी में लिख डालो, अनुमोदित हो जाएगा।
हिन्दी के प्रचार के लिए यह अत्यन्त आवश्यक है कि उर्दू-फारसी, अंग्रेजी तथा स्थानीय भाषाओं के शब्दों को ज्यों का त्यों अपना लिया जाए और सरल से सरल आम बोलचाल की भाषा का प्रयोग किया जाए। कुरता, पाजामा दरवाजा, खिड़की, कलम, दवात, स्कूल, अस्पताल, इंस्पेक्टर, बोर्ड, वारंट, डिग्री आदि ऐसे शब्द हैं जो आज एक ग्रामीण भी बोलता और समझता है। प्रचलन प्रयोग से फैलता है। आरम्भ में सचिवालय, मन्त्रालय, अभियन्ता, टंकक, अनुभाग, प्रशासन, आबंटन, अधीक्षक, निरीक्षक, सर्वेक्षक, परिचर, नियन्त्रक आदि शब्द अजीब लगते थे। आज इन्हें सभी प्रयोग करते हैं।
एक बार आरम्भ में एक संस्कृत महाविद्यालय में संस्कृत दिवस मनाने गए तो वहां कोई नहीं जानता था कि संस्कृत दिवस भी कोई दिवस होता है। अब तो आलम यह है कि हर दिन कोई न कोई दिवस है। कभी बाल दिवस है, कभी वृध्द दिवस; कभी दिल दिवस है तो कभी आंख दिवस; कभी सास दिवस है तो कभी बहु दिवस। यह दिवस अब विश्व स्तर पर मनाए जाते हैं। तो हिन्दी दिवस मनाने में क्या हर्ज़ है। कम से कम हिन्दी वालों को तो यह दिवस जोश से मनाना चाहिए। भाषा का विकास व्यवसाय से जुड़ा है। हिन्दी यदि रोटी भी देने लगी है तो इसे धूम से मनाईए।
अनुलेख : यह कृति अंतरजाल के सहयोग से लिखी गयी है | यह हमारी एवं कई और लोगों की सोच का मिश्रण है |
मुख्य अतिथि - सुरभि मिश्रा
आयु - 19
खेल - स्क्वैश
जन्म स्थान और निवास - जयपुर
WISPA में 2006 से शामिल
वर्तमान विश्व रैंकिंग : 240
पूर्व विश्व रैंकिंग : 233
सबसे ज्यादा विश्व रैंकिंग : 110 (जून 2007)
रैकेट : विल्सन
कोच : साइरस पोंचा
सफलता - हाल ही चेन्नई में अगस्त में आयोजित तेरहवीं महिलाओं के लिए जूनियर स्क्वैश विश्व टीम प्रतियोगिता में सेमी फाइनल में पहुँचने में सफलता हासिल की है |
Sunday, September 13, 2009
बॉसम की तैयारियों पर एक नज़र
अब जब बॉसम की शुरुआत में मात्र 3 दिन रह गए हैं ,परिसर में हलचल काफी बढ़ गयी है | सैक व जिम जी में खिलाड़ियों को अभ्यास करते हुए देखा जा सकता हैं | बॉसम हिंदी प्रेस ने बॉसम की तैयारियों के बारें में जानने के लिए खेल सचिव वी. वीरा विक्रम से मुलाकात की |
बॉसम के खेल सचिव वी. वीरा विक्रम वॉलीबॉल टीम के कप्तान हैं | इसबार बॉसम में प्रायोजकों की संख्या 2-3 गुना हो गयी है जिसके कारण इस वर्ष पुरस्कार की राशि में वृद्धि भी की गयी है | इसका मुख्य श्रेय वे बॉसम - स्पोंज और खुद की मेहनत को देते हैं | उन्होंने बॉसम का काम पिछले सेमेस्टर से ही प्रारंभ कर दिया था और इस वर्ष परिसर में आते ही काम में जुट गए थे जिसका फल इस बार बॉसम में प्रातभागी कॉलेजों की संख्या देख कर लगाया जा सकता है | पिछले वर्ष के 830 की तुलना में इस बार 980 से भी अधिक प्रतिभागी हैं , जिनमे आई . आई. टी. ( वाराणसी , राजस्थान, दिल्ली, कानपुर ) के छात्र भी सम्मिलित हैं | उन्होंने बताया कि बाहरी प्रतिभागियों के लिए रहने की जगह की कमी के कारण 980 से अधिक प्रतियोगियों को नहीं बुलाया जा सकता |
उनका मुख्य कार्य सभी कोस्कानों में समन्वय बैठाना होता है | पहले सभी कार्यों में सिर्फ खेल सचिव निर्णय लिया करते थे पर उन्होंने इस बार इस प्रणाली को हटाकर निर्णय लेने के लिए सभी कोस्कानों और खेल सह-सचिव के मत को भी ध्यान में रखा गया है | उन्होंने स्थायी " लाइटिंग " सिस्टम लगवाने का भरपूर प्रयास किया किंतु आतंरिक मतभेदों की वजह से वह सफल नहीं हो पाया | इस बार बॉसम में सांस्कृतिक झलक के लिए 19 सितम्बर को एक " वेस्टर्न नाईट " का आयोजन किया जायेगा एवं उद्घाटन के दौरान क्षेत्रीय संघ भी अपनी प्रस्तुति देंगे |
इस बार की मुख्य अतिथि सुरभि मिश्रा होंगी ,जो अंडर-19 अंतर्राष्ट्रीय स्क्वैश प्रतिस्पर्धा की विजेता और कॉमनवेल्थ खेलों में 2 स्वर्ण पदक विजेता रह चुकी हैं | स्वाइन फ्लू के कारण प्रतियोगियों के कम होने की खबर पर उन्होंने कहा कि हमारी चिकित्सा व्यवस्था को देखते हुए किसी भी कॉलेज ने आने से मना नहीं किया है | हर बार की तरह बहुतया चर्चित बिट्स के पक्षपाती होने पर खेल सचिव ने बिट्स का समर्थन करते हुए कहा कि हर कॉलेज में ही ऐसा होता है जो कॉलेज मेजबानी करता है उसपर ये आरोप लगते ही हैं और इस पर अधिक ध्यान नहीं दिया जाना चाहिए|
बॉसम में इस बार पॉइंट बल और स्क्वैश प्रतिस्पर्धा का आयोजन पहली बार हो रहा है | इग्निशन इस बार फिर आतंरिक कारण से नहीं हो पा रहा है | पिछले कुछ दिनों की बारिश के कारण बॉसम की तैयारियों पर असर हुआ है, पर खेल सचिव ने अपनी सभी टीमों पर भरोसा जताया है | उनका जनता को सन्देश है कि वे बॉसम का भरपूर आनंद लें एवं बिट्स की टीमों को प्रोत्साहित करें | बॉसम हिंदी प्रेस की ओर से सभी टीमों को बॉसम के लिए बहुत बहुत शुभकामनाएं |


