कैम्पस की हलचल :

(1) कैम्पस पे पढ़ाई की हलचल.. (2) ठण्ड भी हौले-हौले कमरों के अन्दर..

लोकप्रियता

Monday, September 21, 2009

बॉसम 2009 विजे़ता

खेल

विजे़ता

उपविजे़ता

सर्वश्रेष्ट्र खिलाड़ी

बास्केटबॉल (लड़कियाँ)

JMC

SRCC

मनौती पासी (JMC)

बास्केटबॉल (लड़के)

KMC

बिट्स पिलानी

सचिन (KMC)

वॉलीबॉल (लड़कियाँ)

KNC

बिट्स पिलानी

पराची मालिक

वॉलीबॉल (लड़के)

BRCM

बिट्स पिलानी

विजय अमलाकर(बिट्स)

टेबल टेनिस (लड़कियाँ)

बिट्स पिलानी

JUIT, सोलन

हर्षा रस्तोगी (बिट्स)

टेबल टेनिस (लड़के)

बिट्स पिलानी

IIT कानपुर

ऋषभ श्रोफ (डी. जे. सांघवी)

क्रिकेट

हंसराज

BKBIET

अमितोज़ सिंह (हंसराज)

बैडमिन्टन (लड़कियाँ)

बिट्स पिलानी

MNIT

कृति सोनी (बिट्स)

बैडमिन्टन (लड़के)

TITS

बिट्स पिलानी

कृतेश (बिट्स)

कैरम

बिट्स पिलानी

बिट्स पिलानी

दीपलॉय दत्ता (बिट्स)

टेनिस (लड़के)

सरदार पटेल

UCE

जयराज देसाई (सरदार पटेल)

टेनिस (लड़कियाँ)

बिट्स पिलानी

बिट्स पिलानी

मनीषा (बिट्स)

टेनिस (मिश्रित युगल)

बिट्स पिलानी

IT-BHU

--

हॉकी

IIT – रुड़की

बिट्स पिलानी

राजेश (IIT – रुड़की)

फ़ुटबाल

SRCC

बिट्स पिलानी

उज्ज्वल मुख़र्जी

स्क्वैश

बिट्स पिलानी

बिट्स पिलानी

विशेष अग्रवाल

चेस(क्लासिकल)

IIT – कानपुर व बिट्स पिलानी

--

पज़ल सोल्विंग

बिट्स पिलानी

IPS

--

ब्लिट्ज

MNIT

IIT – कानपुर

निपुण चौरसिया

पदक तालिका

रैंक

कॉलेज

स्वर्ण

रजत

1

बिट्स पिलानी

29

31

2

MNIT, जयपुर

12

11

3

SBMJC

6

2

4

MBM

4

0

5

IPS, इंदौर

3

4

6

KITS , रामटेक

3

3

7

RKNC, नागपुर

3

0

8

डी. जे. सांघवी

2

0

9

KMC

2

0

10

MITS

2

0

11

IT-BHU

1

6

12

LIET

1

2

13

IIT – कानपुर

1

2

14

BKBIET

1

2

15

SRCC

1

1

16

JMC

1

0

17

KNC

1

0

18

BRCM

1

0

19

हंसराज

1

0

20

BMIT

1

0

21

TITS

1

0

22

सरदार पटेल

1

0

23

IIT – रुड़की

1

0

24

JUIT, सोलन

0

4

25

JNU

0

1

26

BVRIT

0

1

27

UCE, कोटा

0

1

28

बिट्स हैदराबाद

0

1

चैंपियनशिप का विजेता – MNIT, जयपुर

Sunday, September 20, 2009

टेनिस



मैच

समय

सेमीफाइनल 1(युगल)

IT-BHU - बिट्स पिलानी

09:00

सेमीफाइनल 2(युगल)

बिट्स पिलानी- बिट्स पिलानी

11:00

फाइनल(युगल)


15:00

फाइनल (लड़कियाँ)

बिट्स ए – बिट्स बी

07:30

फाइनल (लड़के)

सरदार पटेल कॉलेज - यूनि. कॉलेज

16:30

बैडमिन्टन

20/09/09

बैडमिन्टन


मैच

समय

फाइनल (लड़कियाँ)

बिट्स ए - MNIT

15:00

फाइनल (लड़के)

बिट्स ए - TIT

16:00

बास्केटबॉल (लड़कियाँ)

20/09/09

बास्केटबॉल (लड़कियाँ)


मैच

समय

सेमीफाइनल 1

JMC - LNIPE

06:30

सेमीफाइनल 2

बिट्स पिलानी - SRCC

07:30

फाइनल


18:00

वॉलीबॉल (लड़कियाँ)

वॉलीबॉल (लड़कियाँ)


मैच

समय

तृतीय स्थान के लिए

MNIT - MITS

08:00

फाइनल

बिट्स पिलानी - KNC

16:30


वॉलीबॉल (लड़के)

वॉलीबॉल(लड़के)


मैच

समय

तृतीय स्थान के लिए

IIT कानपुर- BMIT

08:00

फाइनल

बिट्स पिलानी - BRCM

17:30

क्रिकेट

20/9/2009

क्रिकेट


मैच

समय

सेमीफाइनल 1

बिट्स पिलानी - BKBIET

07:00

सेमीफाइनल 2

SBMJC - हंसराज

11:00

फाइनल


14:30


Saturday, September 19, 2009

फुटबॉल

कल फुटबॉल में पी.ई.सी और सिंघानिया के बीच मुकाबला हुआ | इस मैच में पी.ई.सी ने अपने प्रतिद्वंदी को 4-0 से रौंद डाला | मैच में गोल करने वाले खिलाड़ी उत्सव, जयदीप और अमनप्रीत थे | उत्सव ने पी.ई.सी की ओर से दो गोल किए | पी.ई.सी के खिलाड़ी हरजोत ने बताया कि दूसरी टीम काफ़ी कमज़ोर थी इसीलिए मैच में कोई ख़ास मुश्किल नहीं हुई | इधर बिट्स के खिलाड़ी दिव्यांशु ने बताया कि उनका दिन में निर्धारित जे.आइ.ई.टी. के विरूद्ध मैच रद्द हो गया था | इसी कारण उनके साथ पी.ई.सी को एक ग्रुप में डाल दिया गया है | उन्होंने यह भी बताया कि आगे आने वाले मैच मुश्किल होंगे और उनकी टीम उसके लिए तैयार है|

स्क्वैश

स्क्वैश में बिट्स का दबदबा बना रहा | डी.जे.संघवी और आई.टी.,बी.एच.यु., बिट्स के सामने टिक नहीं पाए | फाइनल में बिट्स ए की टीम ने  बिट्स बी को कांटे की टक्कर में 2-1 से हराया | इससे पहले आई.टी. बी.एच.यु., को बिट्स ए और बिट्स बी ने 3-0 से रौंदा | आई.टी.,बी.एच.यु. ने डी.जे.संघवी को 3-0 से मात देकर अपनी साख थोड़ी बचा ली | स्क्वैश टीम के कप्तान अभिमन्यु शिर्वालकर के साथ हुए साक्षात्कार में उन्होंने बताया कि टीम की तैयारी काफी अच्छी थी और उन्हें जीतने की पूरा भरोसा था  | स्वर्ण और रजत पदक दोनों ही बिट्स को मिलने से कप्तान को विश्वास है कि और लोग अब इस खेल में रूचि लेंगे  | जीत के बाद टीम ने कनॉट में जीत का जश्न मनाया |

टेबल टेनिस

आज टेबल टेनिस में जोधपुर कॉलेज और बी.वी.आर.ई.टी. कॉलेज के बीच गए मैच में जोधपुर कॉलेज की टीम 3-0 से विजयी रही |उन्होंने हमे बताया की इस जीत से उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ गया है जो कि आने वाले मुकाबलों में मदद करेगा |
दूसरा मैच जेपी – सोलन कॉलेज और डी.जे.संघवी कॉलेज के बीच खेला गया जिसमे  डी.जे.संघवी कॉलेज ने 3-1 से मैच अपने नाम किया |
टेबल टेनिस का तीसरा मैच बिट्स (लड़के )बनाम बी.वी.आर.ई.टी. कॉलेज हैदराबाद हुआ जिसमे बिट्स पिलानी ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए 3-0 से सफलता हासिल की |संपर्क किये जाने पर उन्होंने हमे बताया कि वे आगे भी इसी प्रकार से खेलने का प्रयास करेंगे |
चौथा मैच आज बिट्स पिलानी का आई.आई.टी. राजस्थान से हुआ जिसमे आई.आई.टी. राजस्थान 0-3 से हार गयी |वहीँ पांचवा मैच बिट्स ए और एल.आई.ई.टी. के बीच हुआ, इसमें भी बिट्स का पलडा पूरी तरह से भारी रहा और बिट्स-ए 3-0 से विजयी रहा |
आज केवल एक ही सेमीफाइनल मैच सम्पन्न हो पाया जिसमे बिट्स पिलानी का मुकाबला डी.जे.संघवी कॉलेज से हुआ और इस मैच में काफी संघर्ष के बाद बिट्स पिलानी ने सफलता हासिल की और  डी.जे.संघवी कॉलेज को 3-2 से हराया |

क्रिकेट

कल के बिट्स पिलानी और जोधपुर विश्वविद्यालय के बीच हुए मैच में भी बिट्स-पिलानी का टॉस के साथ ख़राब भाग्य बरकरार रहा | टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए खराब शुरुआत दी और एक समय स्कोर 3 विकेट के नुकसान पर 39  रन हो गया पर इसके बाद चैतन्य और विनय ने अच्छी साझेदारी निभाते हुए पारी को संभाला | चैतन्य ने 27 और विनय ने 47 रन बनाए | अंत के ओवेरों में बालाजी और उमंग के चौकों और छक्कों की बदौलत बिट्स-पिलानी ने अपनी पारी 146/6 पर ख़त्म की | इस स्कोर के जवाब में जोधपुर विश्वविद्यालय ज्यादा टक्कर नहीं दे पाया और लगातार अन्तराल में उनके विकेट गिरते रहे | उनकी तरफ से तुषार ने सबसे ज्यादा 29 रन बनाये | अंकुर तिवारी ने बहुत अच्छी गेंदबाजी की और विरोधी टीम के रनों की रफ़्तार को रोके रखा | इसके आलावा गौरव जैन और बालाजी, दोनों ने 2-2 विकेट चटकाए | अंत मैं बिट्स-पिलानी ने 30 रन से आसान जीत दर्ज की | दिन के और दो मैच बहुत ही रोमांचक रहे | पी-ई-सी और डी. जे. सांघवी के बीच हुए मैच में डी. जे. सांघवी ने मात्र 8 रन से जीत दर्ज की | दूसरा मैच आई. आई. टी रूड़की और टी.सी.इ.टी के बीच था जिसमें असली रोमांच तब आया जब आई. आई. टी. रूड़की लक्ष्य का पीछा करते हुए 1 रन 1 ओवर 1 विकेट हाथ में की स्थिति में पहुँच गयी | अंत में आई. आई. टी. रूरकी ने 1 विकेट से जीत दर्ज की | अभी तक सिर्फ बिट्स-पिलानी ही सेमीफाइनल में अपनी जगह सुरक्षित कर पाया है | बाकी 3 टीमों का निर्धारण कल होने वाले मैचों से होगा | बिट्स-पिलानी के कप्तान अनिरुद्ध से बात करने पर उन्होंने बताया है कि उनकी टीम के क्षेत्ररक्षण में काफी सुधार आया है और उनकी टीम आगे होने वाले मैचों के लिए पूरी तरह से तैयार है |

बास्केटबॉल

कल शाम बिट्स पिलानी (लड़कियां) की बास्केटबॉल टीम का मुकाबला हुआ जे. एम. सी. की टीम से हुआ | शुरुआत से ही जे. एम. सी.  की टीम बिट्स की टीम के ऊपर भारी रही | बिट्स की टीम अपनी तमाम कोशिशों के बावजूद अच्छा प्रदर्शन करने में नाकाम रही और अंतत: जे. एम. सी. की टीम ने अपने बेहतरीन तालमेल के दम पर बिट्स की टीम को 38 -15  से हरा दिया | इस हार से अवश्य ही टीम का मनोबल थोडा गिरा होगा लेकिन उम्मीद है कि वे अगले मैच में बेहतरीन  प्रदर्शन के साथ शानदार वापसी करेंगे  |
        इस मैच के ठीक बाद बिट्स पिलानी (लड़कों) का सामना वसावी से हुआ | वसावी के खिलाडियों में तालमेल की कमी साफ़ नज़र आ रही थी | बिट्स के खिलाड़ी बास्केट पर बास्केट किये जा रहे थे और वासावी के खिलाड़ी बिट्स  की टीम के सामने असहाय से नज़र आ रहे थे | हाफ टाइम तक बिट्स ने 29 -2 से बढ़त बना ली थी | मैच के एकतरफा होने से दर्शकों का उत्साह भी पिछली बार से कम नज़र आ रहा था | हांलाकि हाफ टाइम के बाद बिट्स की टीम कम बास्केट कर पायी | अंत में बिट्स ने 39 -2 से यह मैच  जीत कर अपना विजय अभियान जारी रखा |

बैडमिन्टन

बॉसम के दूसरे दिन बैडमिंटन में कड़ी टक्कर के मुकाबले देखने को मिले | बैडमिंटन (लड़कों ) एकल में हुए मुकाबलों में आई.आई.टी रूड़की ने आई.आई.टी राजस्थान को 2-0 से ,बिट्स पिलानी-ए ने जेपी को 2-0 से और बिट्स पिलानी-बी ने आई. पी. एस. अकादमी को 2-1 से पराजित किया | वहीं दूसरी ओर लड़कियों के एकल मुकाबलों में जे.आई.ई.टी ने बिट्स पिलानी- बी को 2-0 से और आई.टी बी.एच.यू ने मोदी को 2-0 से शिकस्त दी | लड़कों के डबल्स मुकाबले भी कम रोमांचक नहीं थे | आई.आई.टी कानपुर के सिद्धार्थ और जितेश ने एम.एन.आई.टी के अजैरिअस और नीतिश को तीन सेटों तक चले रोमांचक मुकाबले में 21-10 ,17-21 ,21-10 से पछाड़ा | आई.आई.टी राजस्थान के नितिन और गौतम ने आई.टी बी.एच.यू के अमेय और प्रतीक को 21-18 , 21-16 से हराया |

वॉलीबॉल

वॉलीबॉल के लीग मैच समाप्त होने के साथ ही आठ टीमों ने क्वार्टर फाईनल में प्रवेश कर लिया जिनके नाम हैं बिट्स पिलानी, एम. एन. आई. टी., बी. के. बी. आई. ई. टी., आई. आई. टी. कानपुर, बी. एम. आई. टी., आई. पी. एस., डी. एस. आर. यू. एस. टी. और बी. आर. सी. एम. | आज के मैंचों में बी. एम. आई. टी. ने जोधपुर को , डी. एस. आर. यू. एस. टी. ने आई. टी. बी. एच. यू. को , आई. आई. टी कानपूर ने जे. आई. ई. टी. गुना को, एम. एन. आई. टी. ने वसावी को हरा कर क्वार्टर फाईनल में जगह बनाई | आज बिट्स पिलानी ने बी. के. बी. आई. ई. टी. पर रोमांचक जीत दर्ज करके क्वार्टर फाईनल में अपना स्थान पक्का कर लिया | मैच के पहले सेट में बी. के. बी. आई. ई. टी. ने बिट्स को कड़ी टक्कर देते हुए 25-20 से शिकस्त दी परन्तु बिट्स पिलानी ने आत्म विश्वास और उत्साह से आगे बढ़ते हुए अगले दोनों सेटों में बी. के. बी. आई. ई. टी. को करारी शिकस्त दी | बी. के. बी. आई. ई. टी. ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए बिट्स पिलानी की टीम को कड़ी टक्कर दी | दोनों टीमों ने अंत तक जीत के लिए संघर्ष किया जिससे मैच बहुत ही रोमांचक हो गया था |दोनों ही टीमों के समर्थक काफी उत्साहित नज़र आये और अपनी टीम को प्रोत्साहित करने के लिए दोनों तरफ से नारे लगाये  जा रहे थे | अंततः बिट्स पिलानी की टीम ने मैच जीत कर क्वार्टर फाईनल में प्रवेश कर लिया | बिट्स की टीम की तरफ से कप्तान जयंत अहलावत और चैतन्य ने काफी अच्छा प्रदर्शन किया |

डोज बॉल

बॉसम में पहली बार झंकार भी तीन इवेंट्स आयोजित कर रहा है- द गोंत्लेट( the gauntlet) , ह्यूमन स्नेक्स एंड लेडर और डोज बॉल | बॉसम के दूसरे दिन था डोज बॉल – जिसके लिए लोगों में काफी उत्साह दिखाई पड़ा | इसमें हिस्सा लेने के लिए टीम में 5 प्रतिभागी होने ज़रूरी थे | प्रतिद्वंदी टीम को दूसरी टीम के सदस्यों पर बॉल से निशाना मारना था और नियमों के अनुसार बॉल के प्रतिद्वंदी टीम के किसी भी सदस्य के कमर से नीचे लगने पर ही निशाना मान्य था और उस खिलाड़ी को बाहर घोषित कर दिया जाता | झंकार के लोगों ने हमें बताया कि इस खेल के लिए बहुत अधिक संख्या में टीम अपना नामांकन करना चाहती थीं पर समय की कमी के कारण सिर्फ 20  टीम ही खिलाई जा सकीं | इनमे से 10 टीम दूसरे चरण तक पहुँचीं जिसमे से केवल 5 ही तीसरे एवं अंतिम चरण में अपना स्थान बनाने में कामयाब हुईं |  तीसरा चरण शनिवार को जिम-जी में ही खेला जायेगा और यह निश्चित रूप से दर्शनीय होगा |

कैरम

बिट्स ए की तरफ से आज किशन ने एस.बी.एम.जे.सी.के वरुण को 25-4 से और दिपलॉय ने कृष्णमूर्ती को 25-0 से हराकर आसानी से दूसरे चरण में प्रवेश कर लिया | दूसरे चरण में भी बिट्स ए ने वसावी को आसानी से हरा दिया और स्वर्ण के लिए अपनी दावेदारी पक्की कर दी | दूसरी तरफ बिट्स बी और बिट्स सी के बीच होड़ मची हुई है | 5 मैचों में से दोनों टीमों ने 2-2 मैच जीत लिए और आख़िरी मैच टाई हो गया , जो कि काफी रोमांचक रहा | बिट्स सी ने पहले 4 बोर्ड में 16 अंक बना लिए और बिट्स बी को खाता भी खोलने नहीं दिया | पर इसके बाद बिट्स बी ने जोरदार पलटवार करते हुए अगले तीन बोर्ड जीतकर 17 अंक अर्जित कर लिए | इसके बाद आख़िरी बोर्ड में , जो कि करीब आधे घंटे तक चली , बिट्स सी काफी जद्दोजहद के बाद एक अंक अर्जित करके बराबरी पर पहुँच गयी | अतः कल बिट्स बी और बिट्स सी को फिर से एक निर्णायक मैच खेलना पड़ेगा और जीतने वाली टीम फाईनल  में बिट्स ए के साथ मुकाबला करेगी | हारने वाली टीम को रजत के लिए वसावी के साथ भिड़ना पड़ेगा |

वि-वि-वि ने मचाई धूम

वि-वि-वि अर्थात विनय, विश्वा एवं विशाल ने आज बॉसम के तीसरे दिन  अपने उम्दा खेल का प्रदर्शन करते हुए बिट्स का नाम रोशन कर दिया | जहाँ बैडमिन्टन टीम के कप्तान विनय ने जेपी कॉलेज के अंकुर को सीधे सेटों में 21-15 , 21-12 से मात दी, वहीं 400 मीटर(फ्री स्टाइल) में तैराकी टीम के कप्तान विश्वा ने बिट्स-हैदराबाद के अपने निकटतम प्रतिद्वंदी को एक लैप से अधिक की दूरी से हराया | टेबल टेनिस के सेमी-फाइनल मुकाबले में बिट्स के विशाल अग्रवाल ने अपने विरोधी की एक न चलने दी और मात्र 10 मिनट के अन्दर अपना मैच जीत लिया | इसी जीत के साथ बिट्स ने डी.जे.संघवी कॉलेज का पत्ता साफ़ करते हुए फाइनल में जगह बनाई |

पावरलिफ्टिंग

बॉडिबिल्डिंग प्रतियोगिता के बाद पावरलिफ्टिंग में मुकाबला और भी कड़ा हुआ | इसमें वजन के आधार पर 5 वर्गों में मुकाबला हुआ | प्रत्येक वर्ग में ३ तरह के मुकाबलों के आधार पर विजेता चुने गए -1. डैड वेट 2. बेंच प्रेस 3. स्क्वैट्स  | BITS पिलानी टीम के कप्तान साहिल ने जहाँ 62 किलो वेग में कुल 295  किलो उठाकर स्वर्ण के साथ अपनी टीम का मान बढाया वहीँ वेंकट ने 85+  वर्ग में कुल 355 किलो उठाकर स्वर्ण पदक सहित सबका  दिल भी जीत लिया | सभी वर्गों में BITS पिलानी और MNIT  में कांटे की टक्कर हुई | अन्य परिणाम :-

1. 62 किलो -रजत पदक – रजत बत्रा (BITS)

2. 62-69- स्वर्ण -मिथिल (MNIT) ,रजत -नीरज

3. 69-77 स्वर्ण -प्रदीप (MNIT) ,रजत -अजीत (KITS)

4. 77-85 स्वर्ण -राजेंद्र और अभिजीत ,रजत -वैभव

5. 85+ रजत -यश (BITS)

बस यूँ ही

हमारा यह चार दिवसीय खेल महोत्सव अपने पूरे शबाब पर है | हर तरफ जोश एवं ऊर्जा की धारा सी प्रवाह होती प्रतीत होती है | वो कैम्पस की हलचल, नए नवेले चेहरे एवं दूसरों के "प्रभाव" में आकर बदले बदले से लग रहे कुछ अपने भी चेहरे, वो रातों को जाग जाग कर काम करना, वो अपने जिम-जी के बगल से गुज़रते हुए डोमिनोज की खुशबू, यह सब कुछ, नया नहीं है | बल्कि अब तृतीय वर्ष में तो ये सब काफी जाना पहचाना, अपना सा लगता है |

परन्तु यदि कुछ नया था तो वह था सुबह सुबह उठ कर असाइंमेंट पूरा कर उसे गंतव्य तक करने की मशक्कत, आप तक खबरें पहुँचने की कयावाद के बीच अपने कुछ ट्युट्स की खबर लेने की असफल कोशिश…वास्तव में ..एक तरफ यह उत्सव सा माहौल देश भर से आये मेहमानों की यथोचित देखभाल एवं सत्कार के प्रयासों के बीच, इन सब के द्वारा हमसे क्या अपेक्षित है, यह समझ के बाहर है | आखिर एक खेल महोत्सव सिर्फ खिलाड़ियों से तो संपन्न होता नहीं बल्कि उनके समानान्तर परिश्रम होता है अन्य परिश्रमी जनता का, जो अपना पूरा जी-जान लगाती है उन सभी पहलुओं पर, जिससे की खिलाडी अपना ध्यान पूरी तरह से सिर्फ खेल पर टिका सकें | ऐसे में एक ही दिन में यह 2 तरह की दिनचर्या ?  हैरान करने वाली हो जाती है | जब सभी को इस बात का इल्म है की यह एक पूरी तरह से छात्र-छात्राओं द्वारा ही प्रबंधित फेस्ट है , ऐसे मूल्यांकित होने वाले सेशंस का क्या आशय !!
खैर, एक बार पुनः , ये तो "उपरवाले" ही जानें !!

एक और बात, यह भी सुनने में आया है की कुछ लोग ऐसे भी हैं, जो अभी भी किसी सामान्य दिवस की भांति सुबह उठकर !!! क्लासें लगाते हैं एवं कमरों में आकर पढ़ते हैं एवं और पढ़ते हैं एवं थोडा और पढ़ कर फिर सो जाते हैं!! अर्थात बस बाहर कुछ ही कदम दूर एक वृहद् महोत्सव का आयोजन हो रहा है पर इससे उन्हें कोई फरक नहीं पड़ता | तो मेरे भाइयों, कक्षाएं अवश्य जाओ, सारी जाओ, हर बारी जाओ, पर इतना भी निर्विकार न रहो अपने इस आयोजन से | हर मौके पर किसी न किसी के लिए कुछ खास तो होता ही है | तो अपने लिए भी इस मौके पर कुछ खास, कुछ यादगार बनाओ… कुछ नहीं तो खेल तो अवश्य ही देखो वरना कहीं ऐसा नहो की 4 साल युहीं गुज़र जायें और जब आप यहाँ से जायें, तो साथ ले जाने के लिए मुट्ठी भर यादें भी न हो !!
सो.. जी भर कर लुत्फ़ उठाइए… इस जोश एवं जूनून की अभिव्यक्ति के वृहद् मंच का ..यहाँ सबले लिए कुछ न कुछ तो है ही… तो चुन लीजिये अपनी मंजिल…

सम्मान पटल


खेल
टीम
परिणाम
टेबल टेनिस (लड़कियाँ) IIT राजस्थान – बिट्स बिट्स 3-0 से विजयी
टेबल टेनिस (लड़के) - लीग मैच बिट्स(ब) – IIT राजस्थान बिट्स(ब) 3-0 से विजय
                          सेमी फाइनल
बिट्स(अ) – डी. जे. सांघवी बिट्स(अ) 3-2 से विजयी
बास्केटबॉल (लड़कियाँ) बिट्स पिलानी – JMC JMC 38-15 से विजयी
बास्केटबॉल (लड़के) MNIT – बिट्स पिलानी बिट्स पिलानी 29-5 से विजयी

बिट्स पिलानी – वासावी बिट्स पिलानी 39-2 से विजयी
क्रिकेट PEC – डी. जे. सांघवी डी. जे. सांघवी 8 रनों से जीता

बिट्स पिलानी – जोधपुर यूनि. बिट्स पिलानी 30 रनों से जीता

TCET – IIT रुड़की IIT रुड़की विजयी
फुटबॉल IIT रुड़की – JAYPEE गुना IIT रुड़की 3-0 से विजयी

सिंघानिया – PEC PEC  4-0 से विजयी
हॉकी IIT रुड़की – IT BHU IIT रुड़की 4-0 से विजयी

IIT रुड़की – बिट्स पिलानी IIT रुड़की 2-0 से विजयी
वॉलीबॉल (लड़के) बिट्स पिलानी – BKBIET बिट्स पिलानी विजयी
बैडमिंटन (लड़के) – सिंगल्स बिट्स(ब) – IPS बिट्स(ब) 2-1 से विजयी

बिट्स(अ) – JAYPEE बिट्स(अ) 2-0 से विजयी

IIT राजस्थान – IIT रुड़की IIT रुड़की 2-0 से विजयी
बैडमिंटन (लड़कियाँ) – सिंगल्स बिट्स(ब) – JIET JIET 2-0 से विजयी
बैडमिंटन (लड़के) – डबल्स बिट्स(अ) – IPS बिट्स(अ) 2-0 से विजयी
बैडमिंटन (लड़कियाँ) – डबल्स बिट्स(ब) – JIET JIET 2-0 से विजयी
टेनिस (लड़के) बिट्स(अ) – IPS बिट्स(अ) 2-0 से विजयी

बिट्स(ब) – बिट्स हैद. बिट्स(ब) 9-3 से विजयी
टेनिस (लड़कियाँ) बिट्स(अ) – MNIT बिट्स(अ) 8-2 से विजयी

बिट्स(ब) – बिट्स हैद. बिट्स(ब) 9-3 से विजयी

तैराकी
प्रतिस्पर्धा
परिणाम
कॉलेज
लड़के - फ्री स्टाइल 400 मी.
विश्वा पारेख प्रथम (5:27:38)
बिट्स पिलानी
            फ्री स्टाइल 100 मी.
विश्वा पारेख प्रथम (1:04:00)
बिट्स पिलानी
            बटरफ्लाई 50 मी.
शैलेश त्रिपाठी प्रथम (1:03:94)
RKMC
            ब्रेस्ट स्ट्रोक 50 मी.
हेमंत इमोलिया प्रथम(0:39:47)
IPS
लड़कियाँ -  फ्री स्टाइल 100 मी.
मोनिका प्रथम (1:56:38)
बिट्स पिलानी
                  ब्रेस्ट स्ट्रोक 50 मी.
शैली जैन प्रथम (0:50:94)
बिट्स पिलानी



एथलेटिक्स
प्रतिस्पर्धा
परिणाम
कॉलेज
3000 मी. (लड़के)
अमित खरे
KITS
800 मी. (लड़के)
सागर शेट्टी
MNIT
400 मी. (लड़के)
कृष्णमूर्ति
SBMJC
जेवलिन (लड़के)
भारतप्रताप सिंह
किरोड़ीमल
400 मी. (लड़कियाँ)
निकिता
बिट्स पिलानी
जेवलिन (लड़कियाँ)
मधु मिश्रा
IT-BHU

पेंट या फेंट

बॉसम स्पॉंज द्वारा आयोजित पेंटबॉल मस्ती भरा ऐसा खेल है जो खासकर उन लोगों के लिए काफी मनोरंजक है जो किसी स्पर्धा में भाग नहीं ले रहे हैं |
"माउंटेन ड्यू" द्वारा प्रायोजित इस खेल में दो टीम होती हैं जिन्हें विजय प्राप्त करने के लिए प्रतिद्वंदी टीम के सभी खिलाडियों
को अपनी बन्दूक से मार गिराना होता है| घबराइये नहीं, इसमें चोट न लगे इसके लिए बहुत सावधानी का प्रयोग किया गया है | और गोली की जगह पर रंगीन पेंट की बाल्स हैं, जिनसे इकलौता खतरा यह है कि अगर ये आपको छू लें तो आप खेल से बाहर हो जाते हैं | दोनों दलों का एक झंडा होता है है | जीत निश्चित करने का एक तरीका यह भी है कि आप अपने विपक्षी का झंडा उसके क्षेत्र से उठा कर अपने क्षेत्र में लगा दें |
सभी इच्छुक प्रतिभागियों के लिए एक आवशयक सूचना- सिर्फ पहले 300 खिलाडियों के लिए ही पंजीकरण निःशुल्क है | तो शीघ्र ही सी लान जाइये और खेल का लुत्फ़ उठाइए |

बैडमिन्टन

बॉसम 2009 के दूसरे दिन जनता को बैडमिन्टन के काफ़ी मुकाबले देखने को मिले | लड़कों के एकल वर्ग में जहाँ एक तरफ बिट्स पिलानी ने डी.जे.सांघवी, मुंबई को 2-0 से हराया, वहीँ दूसरी ओर वो जे.एन.यु. अलवर से 2-1 से पराजित भी हुआ |
इसी वर्ग में आई.टी. बी.एच.यु. ने अपने सभी मुकाबलों में विजय प्राप्त की | एक अन्य रोमांचक मुकाबले में टी.आई.टी.कॉलेज ने आई.आई.टी.,कानपुर को 2-0 से पटखनी दी |

वहीँ दूसरी ओर लड़कियों के एकल वर्ग में बिट्स,पिलानी की लड़कियों ने अपना जलवा कायम रखते हुए अपने सभी मैच जीते |

युगल मुकाबलों में बिट्स,पिलानी के सिद्धार्थ और विनय ने एक प्रमुख मुकाबले में जे.एन.यु. के मोहित और अर्जुन को सीधे सेटों में मात दी | पहले सेट में उन्होंने बड़ी आसानी से अपने विरोधियों को 21-7 से हराकर बढ़त ले ली | हालाँकि दूसरे सेट में मोहित और अर्जुन ने वापसी की, पर वे बिट्स,पिलानी के प्रतियोगियों के सामने ज्यादा देर टिक न सके |

वहीँ लड़कियों के वर्ग में एम्.एन.आई.टी.,जयपुर की प्रीती और कृतिका ने आई.टी.,बी.एच.यु. की अदिति और यशु को 21-8, 21-15 से मात दिया और अपने कॉलेज को अगले सत्र में पहुचने में सफलता प्राप्त की |

एक नज़र नतीजों पर

Friday, September 18, 2009

इन्फॉर्मल्ज़

इस वर्ष इन्फॉर्मल्ज़ ने एंटी-चेस और टग ऑफ़ वार जैसे खेलों का आयोजन करके दर्शकों का ध्यान अपनी तरफ आकर्षित करने का प्रयास किया | दर्शकों में भी इन खेलों को लेकर काफी उत्साह रहा |

खेल के पहले दिन ही एंटी चेस में 60 से अधिक लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाया | यह प्रतियोगिता तीन चरणों में होगी | जिसमें पहले चरण में एंटी चेस, दूसरे चरण में आकस्मित मौत(सडन डेथ) और तीसरे चरण में मैजिक–चेस का आयोजन किया जा रहा है | एंटी-चेस खेल का मुख्य उद्देश्य अपने सभी मोहरों को खो देना है |

इसके अलावा टग ऑफ़ वार में भी दर्शकों ने बढ-चढ़ कर हिस्सा लिया | इस खेल में बाहर के कॉलेज के प्रतिभागियों ने भी हिस्सा लिया | खेल के नियमों के अनुसार एक दल में 6 से अधिक खिलाडी तभी हो सकते हैं जब उस दल के सभी सदस्यों का वजन 521 से अधिक न हो | शुरुआती दौर में 16 टीमों ने भाग लिया जिसमें अंत में तीन सर्वश्रेष्ठ को चुन कर दो टीमें बनायीं जाएँगी जिनके बीच फाइनल करवाया जायेगा |

पानी ही पानी - तैराकी

बॉसम की शानदार शुरुआत के बाद दूसरे दिन हुई प्रतिस्पर्धाओं में तैराकी एक मनोरंजक प्रतियोगिता रही | इस में विभिन्न प्रकार की प्रतिस्पर्धाएं थीं, जिन्हें 2 चरणों में अंजाम दिया गया | पहले चरण की शुरुआत सुबह हुई |
इन में 800 मी.फ्री-स्टाईल, 100 मी.ब्रेस्ट–स्ट्रोक और 50 मी.बटरफ्लाई थी |
शाम को 100 मी. बैक-स्ट्रोक और 4×50 मेडले रेले हुई |
इनके परिणाम कुछ इस प्रकार रहे :-
                                                                 स्वर्ण                         रजत                      कांस्य
1.) 800 मी. फ्री-स्टाईल -                     आदित्य गुप्ता                श्रवण एस.              सौरभ कोठारी
                                                 (एल.आई.ई.टी, अलवर)     (बिट्स, पिलानी)        (बिट्स , पिलानी)
2.) 100 मी. ब्रेस्ट-स्ट्रोक                             हेमंत                   वैभव शास्त्री               प्रांशु कचोलिया
                                                  (आई.पी.एस. इंदौर)         (बिट्स, पिलानी)        (बिट्स,पिलानी)
3.) 100 मी. ब्रेस्ट-स्ट्रोक                         ईशा व्यास                श्वेता कामथ           कौसल्या गुणसागर (महिला)
                                                      (बिट्स, पिलानी)          (बिट्स, पिलानी)      (एम. एन. आई.टी.,जयपुर )
4.) 50 मी. बटरफ्लाई                           याध्नेश आर.             पठाव कार्तिक         श्रीधरन सौरभ भट्टाचार्य
                                                        (डी. जे. सांघवी)          (बिट्स,पिलानी)             (बिट्स,हैदराबाद)
5.) 50 मी. बटरफ्लाई                          शिल्पी भार्गव                शैली जैन                   श्वेता कामथ (महिला)
                                                   (एम.बी.एम.,जोधपुर)       (बिट्स,पिलानी)               (बिट्स,पिलानी)
6.) 100 मी. बैक-स्ट्रोक                       शैलेश त्रिपाठी              सिद्धार्थ मित्तल                नीलाभ भट्टाचार्य
                                                (आर.के.एन..सी.,नागपुर)    (बिट्स,पिलानी)                (बिट्स,पिलानी)
7.) 100 मी. बैक-स्ट्रोक                      शिल्पी भार्गव                  मोनिका                     ईशा व्यास (महिला)
                                                (एम.बी.एम.,जोधपुर)          (बिट्स,पिलानी)               (बिट्स,पिलानी)
8.) 4×50 मेडले रिले                         बिट्स-पिलानी-ए           आइ.पी.एस.,इंदौर             बिट्स-पिलानी-बी

बल्ले का बोलबाला

क्रिकेट के हमारा राष्ट्रीय खेल न होते हुए भी हमारे देश के खेल प्रेमी क्रिकेट को धर्म और इस खेल के खिलाड़ियों को भगवान का दर्जा देते हैं | बॉसम में भी क्रिकेट के खेल का उल्लास खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों में अलग ही देखने को मिलता है |
आज सुबह 11 बजे बिट्स-पिलानी बनाम वसावी कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग मैच की शुरुआत हुई | वसावी ने टॉस जीतने के बाद पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया और उनकी शुरुआत अच्छी रही | उनके एक सलामी बल्लेबाज ने 38 का स्कोर बनाया, पर बाकि कोई भी बल्लेबाज दहाई अंक के स्कोर तक नहीं पहुँच पाया | बिट्स-पिलानी के गौरव जैन ने सर्वाधिक 4 विकेट चटकाए | वसावी की पूरी टीम 111 के स्कोर पर सिमट गयी | बिट्स पिलानी ने अपना पहला विकेट जल्द ही गँवा दिया लेकिन दूसरे सलामी बल्लेबाज और कप्तान अनिरुद्ध ने कप्तानी पारी खेलते हुए 30 रन बनाये और गेंद को अक्षय के छत की भी सैर करवाई | पिछले वर्ष के कप्तान अनंत ने भी 38 का स्कोर बनाया जिससे अंत मैं मैच बिल्कुल एक तरफा हो गया | बिट्स-पिलानी ने 2 विकेट के नुक्सान पर ही अपने लक्ष्य को हासिल कर लिया |

इसके अलावा बी.वी.आर.आई.टी और हंसराज कॉलेज दिल्ली के बीच हुए मैच में हंसराज कॉलेज विजयी रहा |

एम.एन.आई.टी-जयपुर बनाम एस.पी.एस.यू मैच करीबी और रोमांचक रहा | एस.पी.एस.यू को जीतने के लिए 3 ओवर मैं 22 रन बनाने थे लेकिन एम.एन.आई.टी ने अपनी शानदार क्षेत्ररक्षण का प्रदर्शन करते हुए मैच अपने कब्जे में कर लिया |

बास्केट की खबरें

शाम को बास्केटबॉल कोर्ट में बिट्स पिलानी का सामना जे.आई ई.टी. से हुआ | बिट्स की टीम ने आक्रामक शुरुआत करते हुए पहले 25 सेकंड में ही बास्केट कर दिया | बिट्स की टीम आरम्भ से ही जे.आई.ई.टी. पर हावी रही |  
"गो बिट्स गो" के नारों के साथ कई और तरीकों से बिट्सियन्स अपनी टीम का उत्साहवर्धन कर रहे थे | आधे समय तक बिट्स की टीम 23-8 से आगे थी | बिट्स की टीम का "ताल-मेल" और "प्रतिरक्षा" बहुत ही अच्छा रहा |

आधे समय के बाद बिट्स की टीम लगातार बास्केट करती गयी और अंततः उन्होंने ये मैच 47-21 से जीत लिया | विजेता टीम के कप्तान एंटोनियो ने कहा कि वे अपने प्रदर्शन से सन्तुष्ट हैं पर यह उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं था | अभी भी उनकी टीम को अपने खेल में काफी सुधार लाने की ज़रूरत है |

इस मैच के ठीक बाद बिट्स पिलानी (लड़कियाँ) का एम.आई.टी.एस. के साथ मुकाबला हुआ | बिट्स की लड़कियों ने तो और भी जबरदस्त शुरुआत करते हुए पहले 5 सेकंड के अन्दर पहला बास्केट कर दिया | पर उसके तुंरत बाद ही एम.आई.टी.एस. ने एक "थ्री-पॉइंटर" स्कोर करते हुए बढ़त बना ली | उसके बाद तो बिट्स की टीम लगातार स्कोर करती गयी और आधे समय तक उन्होंने 22-7 से बढ़त बना ली थी | आधे समय के बाद मुकाबला थोड़ा बराबरी का चला पर आखिर में बिट्स ने 34-17 से यह मुकाबला जीत लिया | टीम की कप्तान नुपुर अपने प्रदर्शन से बहुत प्रसन्न थीं पर उन्होंने कहा कि अगले मैच में वे लोग "फाउल" कम करने का प्रयास करेंगे |

एक अन्य मैच में किरोड़ीमल कॉलेज ने हंसराज कॉलेज को अत्यंत रोमांचक मुकाबले में 62-61 से हराया |

फिर से हैट्रिक !!!

पिछले साल एम.वी.एम जोधपुर के खिलाफ हैट्रिक जड़ने वाले उज्ज्वल ने इस वर्ष भी अपने कारनामे को दोहराते हुए सिंघानिया कॉलेज झुंझुनू के विरूद्ध बिट्स, पिलानी की 7-0 से जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई | उज्जवल ने कहा कि वे इस हैट्रिक का श्रेय दो चीजों - फुटबॉल की तरफ अपने जज़्बे और अपने अभ्यास दोनों को ही देना चाहेंगे | उन्होंने कहा - ”इस जीत के बाद मेरे और टीम दोनों के ही मनोबल में काफी बढ़ोतरी हुई है जो हमें फाइनल तक पहुँचने में ज़रूर मदद करेगी |" हमारे पूछने पर कि उनकी यह उपलब्धि उनके अच्छे प्रदर्शन की वजह से थी या फिर प्रतिद्वंदी टीम के निराशाजनक प्रदर्शन की वजह से? उनका जवाब था कि इसके दोनों ही कारण थे |
उज्जवल ने कहा की एस.आर.सी.सी की टीम उन्हें आखिरी मुकाबले के लिए कड़ी टक्कर दे सकती है | यह पूछे जाने पर कि आगे आने वाले मैच मैं उनकी टीम की रणनीति क्या होगी? उन्होंने जवाब दिया की वे इन्हीं 11 खिलाड़ियों के साथ मैच की शुरुआत करेंगे और मैच के शुरूआती दौर में अधिक से अधिक गोल करने की कोशिश करेंगे |

कैरम

                                             17/9/2009
                                             प्रथम चरण
क्रमांक
मैच
समय
विजेता
1
बिट्स – अ —  वासावी
07:00
बिट्स – अ
2
बिट्स – ब — GIMS, दिल्ली
20:00
बिट्स – ब
3
बिट्स – स  – SBMJC, कोलार
19:00
SBMJC


                                             18/9/2009
                                            द्वितीय चरण
क्रमांक
मैच
समय
1
बिट्स – अ — बिट्स – ब
19:00
2
बिट्स – ब — SBMJC
19:00
3
बिट्स – अ — SBMJC
19:00

एथलेटिक्स

                                       17/9/2009
प्रतिस्पर्धा
समय
5000 मी. (लड़के)
06:30
800 मी. (लड़कियाँ)
07:30
1500 मी. (लड़के)
08:00
शॉटपुट (लड़कियाँ)
09:30
शॉटपुट (लड़के)
10:00
डिस्कस थ्रो (लड़कियाँ)
11:00
डिस्कस थ्रो (लड़के)
11:30
100 मी. (लड़कियाँ)
14:30
100 मी. (लड़के हीट्स)
15:30

                                      18/9/2009
प्रतिस्पर्धा
समय
3000 मी. (लड़के)
07:00
3000 मी. (लड़कियाँ)
07:45
800 मी. (लड़के)
08:15
200 मी. (लड़कियाँ)
09:00
200 मी. (लड़के)
09:30
जेवलिन थ्रो (लड़के)
15:00
जेवलिन थ्रो (लड़कियाँ)
16:00
100 मी. (लड़के फाइनल)
16:30

काउंटर स्ट्राइक !!

नहीं नहीं !! यहाँ ऑनलाइन खेलों की प्रतियोगिता इग्निशन की बात नहीं हो रही, वह तो इस बार भी कुछ तकनीकी कारणों से आयोजित नहीं हो सका, बल्कि उस जैसा ही एहसास देने के लिए अपोजी 09 में लोकप्रिय हुआ पेंटबाल पुनः बिट्स पिलानी में आ गया है | अभी कुछ देर पहले ही कन्ट्रोल्ज़ बूथ पर घोषणा हुई की पेंटबाल सी लॉंस में शुरू हो चूका है !!
अब  देखना है की जनता का इस बार इस पर कैसा असर रहता है !!

चक दे !!

बिट्स की हॉकी टीम ने अपने पहले ही मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए बी.एच.यू की टीम को 1-0 से पराजित किया | करीब 5 बजे शुरू हुआ यह मैच लगभग डेढ़ घंटे तक चला , जिसमे बिट्स की ओर से प्रतीक शर्मा ने खेल का इकलौता गोल किया | बी.एच.यू की टीम इससे उबर नहीं सकी और अंततः उसे 1-0 से हार का सामना करना पड़ा | निश्चित रूप से यह बिट्स की टीम के लिए एक अच्छी शुरुआत है, एवं आशा है की आगे के मैचों में भी टीम इसी प्रदर्शन को जारी रखेगी |

मल्ला रेड्डी कॉलेज, आंध्र प्रदेश

बॉसम 2009 का जुनून पूरे बिट्स परिसर में देखने लायक है | बॉसम में भाग लेने आयीं टीमों में से एक मल्ला रेड्डी कॉलेज के प्रतिभागियों से हमने बात की | इनके कप्तान फ़ैज़ान खान बताते हैं कि वे मूलतः बास्केटबॉल एवं फुटबॉल के खेलों में भाग लेने के लिए ही यहाँ आये हैं | वे बताते हैं कि उनके दल में 25 खिलाड़ी हैं जिनमें 3 राज्य-स्तर और 2 राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी हैं | बहुत से खिलाड़ी पहली बार बिट्स आये हैं और यहाँ के वातावरण को देखकर अत्यंत उत्साहित हैं | फ़ैज़न बताते हैं कि उनकी तैयारी पूरी है और उनकी पूरा दल आत्मविश्वास से भरा हुआ है | वे यहाँ की सुव्यवस्था से भी प्रभावित हैं और बॉसम में हर बार आने की चाह रखते हैं | मल्ला रेड्डी कॉलेज, आंध्र प्रदेश के ये प्रतिभागी बॉसम में बिट्स, पिलानी तथा अन्य दलों को कितनी कड़ी टक्कर दे पाएँगे, ये तो आने वाला समय ही बताएगा पर इनका जोश व उत्साह प्रशंसनीय है |

आई.टी – बी.एच.यू से मुलाकात

आई.टी – बी.एच.यू अपने 95 खिलाडियों को लेकर बॉसम 2009 में पूरे जोर शोर से भाग ले रहा है | उनके कप्तान सत्या के साथ एक भेंट में उन्होंने हमें अपनी भागीदारी के बारे में बताया | उनकी टीम में 70 लड़के हैं जो स्क्वैश से लेकर बास्केटबॉल (क्रिकेट के अतिरिक्त ) तक सभी स्पर्धाओं में  भाग ले रहे हैं | साथ ही इनकी टीम में 25 लडकियां भी हैं जो टेनिस, बास्केटबॉल ,टीटी ,आदि खेलों में अपने जलवे दिखाएंगी | पूर्व के वर्षों में वे  हॉकी में रजत ,दौड़ में रजत आदि पदक प्राप्त कर  चुके हैं | इस बार भी हॉकी में इनकी गिनती प्रबल दावेदारों  में हैं  | आई आई टी रुड़की, जिनसे ये एक बार फाइनल में हार चुके हैं, को ये अपना प्रमुख प्रतिद्वंदी मानते हैं | हालांकि बिट्स आने के बाद आवास के लिए लम्बा इंतज़ार करने से इन्हें कुछ कठिनाइयाँ हुईं परन्तु गत वर्षों के मुकाबले बॉसम के आयोजन को बेहतर बताते हुए उन्होंने इस बार आयोजकों की प्रशंसा की है | साथ ही इनकी बॉसम के दौरान बिट्स के जानदार वातावरण का पूरा आनंद उठाने की योजना है | हम आशा करते हैं की वे बिट्स से कुछ मीठी यादें लेकर वापस जाएं |

जेपी – सोलन (हिमाचल प्रदेश)

जेपी सोलन की टीम पिछले वर्ष टेबल टेनिस में मिले स्वर्ण से काफी उत्साहित है | टीम को पुनः वैसा ही प्रदर्शन करने का विश्वास है | इस बार कॉलेज से टेबल टेनिस (लड़कियाँ,लड़के), बास्केटबॉल (लड़कियाँ) और वॉलीबॉल (लड़के ) की टीमें आई है | कॉलेज इस बार सभी खेलों में अपना सर्वोत्तम प्रदर्शन करना चाहता है |  टीम आत्मविश्वास से भरी हुई है पर थोड़ी दबाव में भी है | बास्केटबॉल (लड़कियाँ) टीम के पास मुस्कान के रूप में एक राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी भी है | स्पोर्ट्स हेड दीपिका अपनी टीम को उत्साहित रखने में कोई कसर नही छोड़ रहीं | टीम यहाँ के वातावरण ,ठहरने की व्यवस्था एवं खेल की व्यवस्था से खुश दिखी |

Thursday, September 17, 2009

बिट्स हैदराबाद से मुलाकात

बॉसम की प्रबल प्रतियोगी टीमों में से एक, बिट्स-हैदराबाद, से हम रूबरू हुए | उनकी टीम मंगलवार सुबह यहाँ पहुंची | हमने उनकी टीम के एक सदस्य सुदीप खरे से बात की | पेश है उनसे हमारी बातचीत के कुछ मुख्य अंश :

प्रश्न : सुदीप सबसे पहले यह बताएं की आपका बिट्स-पिलानी के परिसर में अब तक का अनुभव कैसा रहा ?
उत्तर : बहुत ही अच्छा अनुभव रहा है | हमें यहाँ पर्याप्त सुविधायें उपलब्ध करायी जा रही हैं | यहाँ पर रहने और खाने की अच्छी व्यवस्था है | अभी तक हमारी टीम को किसी भी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा है |

प्रश्न : आपकी ओर से कितने प्रतियोगी प्रतिस्पर्धाओं में हिस्सा ले रहे हैं ?
उत्तर :  कुल मिलाकर हमारे 35 खिलाडी भाग ले रहे हैं, जिसमें 6 प्रथम वर्षीय हैं |

प्रश्न : इनमें से कितने खिलाड़ी राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेले हैं ?
उत्तर : हमारी टीम में जिला स्तर तक खेले हुए खिलाडी हैं | कोई भी राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक नहीं खेला है |

प्रश्न :  आपका कॉलेज किन-किन प्रतिस्पर्धाओं में भाग ले रहा है ?
उत्तर :  हमारे कॉलेज से क्रिकेट, वॉलीबॉल, टेबल टेनिस, चेस, लॉन टेनिस और तैराकी की टीमें आयीं हैं |

प्रश्न :  आपको अपनी किन-किन टीमों से ज़्यादा उम्मीदें हैं ?
उत्तर : हमें वैसे तो सबसे ही अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है, पर लॉन टेनिस, तैराकी और चेस के खिलाडियों से काफी ज़्यादा उम्मीदें हैं |

प्रश्न : क्या आप इससे पहले किसी और स्पोर्ट फेस्ट में हिस्सा ले चुके हैं ?
उत्तर :  हाँ, हम बिट्स-गोवा के फेस्ट, स्प्री में भाग ले चुके हैं | वहाँ हमारी टेनिस की टीम ने कांस्य पदक हासिल किया था |

विशेष साक्षात्कार - सुश्री सुरभि मिश्रा

बॉसम 2009 की मुख्य अतिथि सुश्री सुरभि मिश्रा से हमारे संवाददाता ने बात की | प्रस्तुत हैं उसके कुछ मुख्य अंश -

प्रश्न :  पिलानी  तक  की आपकी यात्रा कैसी रही? एवं बिट्स पिलानी पहुँचने पर आप कैसा महसूस कर रही हैं?
उत्तर : जयपुर से पिलानी तक की यात्रा निश्चित रूप से लम्बी एवं उबाऊ थी | पर यहाँ  आकर मुझे काफी अच्छा महसूस हो रहा है| यहाँ आकर मैंने पाया कि यहाँ की सुविधाएं एवं मूलभूत ढांचा बाकी सभी समानान्तर संस्थानों से काफी बेहतर है | मेरे ख़याल से यह भारत में सर्वोत्कृष्ट हैं और बाहर के संस्थानों के भी समतुल्य हैं |

प्रश्न : मुख्य अतिथि बन ने  का आमंत्रण मिलने पर आपकी प्रतिक्रिया क्या रही?
उत्तर : दरअसल मैं उस वक़्त घर पर नहीं थी | यह सूचना मुझे अपने घरवालों से मिली | पहले तो मुझे विश्वास ही नहीं हुआ की बिट्स पिलानी ने मुझे आमंत्रित किया है क्यूंकि मुझे पता है की बिट्स पिलानी का क्या कद है | क्योंकि यहाँ दाखिला पाने के लिए मैंने बच्चों में जूनून देखा है |

प्रश्न : यहाँ के खिलाडियों एवं दर्शकों के उत्साह को आप कैसे आंकती हैं?
उत्तर : जितना अब तक  मैंने यहाँ देखा है, उसके हिसाब से तो खेलकूद को लेकर भी यहाँ के इन मेधावी छात्रों में उत्साह की कोई कमी नहीं है | यह निश्चित रूप से प्रशंसनीय है |

प्रश्न : भारत में स्क्वैश की वर्तमान स्थिति के बारे में आप  क्या कहना चाहेंगी? आज स्क्वैश सिर्फ बड़े लोगों का खेल माना जाता है | इसे आम आदमी तक लाने के लिए आप क्या सुझाव देना चाहेंगी?
उत्तर : स्क्वैश उत्तर भारत में बहुत लोकप्रिय नहीं है | पर जैसे हम दक्षिण की ओर जाते हैं या फिर मेट्रोस में यह काफी खेला जाता है | खासकर मुंबई, दिल्ली के कॉलेजों में खेला जाता है |  मेरा मानना है कि यदि इसे टीवी पर  प्रसारित किया जाये तो इसकी लोकप्रियता काफी हद तक बढ़ सकती है | जो भी खेल टीवी पर दिखाया जाता है, उसमें लोग रूचि लेते हैं और उसे खेलने की इच्छा उनमें जागृत  होती है | तो यदि इसे टीवी पर दिखाया जाए तो लोगों में इसकी रूचि निश्चित रूप से बढ़ सकती है | इसके अलावा प्रशासन को भी स्कूलों और कॉलेजों में इसके लिए मूलभूत ढांचा देना चाहिए ताकि हर तरह के लोग इसे खेल सकें |
स्क्वैश मुख्यतः जोशीले एवं फुर्तीले लोगों का ही खेल है | लोग फिट रहने के लिए खेलते हैं पर स्क्वैश खेलने के लिए आपको फिट होना चाहिए |

प्रश्न : अपने बारे में हमें कुछ बताएं |
उत्तर :  मैंने 11 वर्ष की उम्र से ही खेलना शुरू कर दिया था | एवं आठ महीने पश्चात ही जूनियर स्तर की विजेता थी | लोगों के कहने पर मुझे एहसास हुआ कि मैं वाकई अच्छा खेलती हूँ | तब मेरा शौक मेरे जूनून में परिवर्तित हो गया एवं आज यह मेरा प्रोफेशन है | बचपन से ही मेरे अंकल  मेरे कोच रहे हैं |

प्रश्न : वर्तमान में आप किन प्रतियोगिताएं पर ध्यान केन्द्रित कर रही हैं?
उत्तर :  पिछले दो सालों में मैंने बहुत नहीं खेला है | पर अब मैं मुख्यतः अपना ध्यान WISPA पर ही केन्द्रित कर रही हूँ | मैं कॉमनवेल्थ खेलों की संभावितों में शामिल हूँ और मेरा मुख्य ध्येय कॉमनवेल्थ और एशियन खेल ही हैं |

प्रश्न : बिट्सियन लड़कियों के लिए आपके फिटनेस टिप्स |
उत्तर :  मैं खुद सुबह डेढ़  घंटे और शाम को 3-4 घंटे के लिए अभ्यास करती हूँ | रोज़ का थोड़ा पैदल चलना एवं दौड़ना ही यहाँ की लड़कियों के लिए काफी है |

प्रश्न : बिट्सियन जनता के लिए आपका सन्देश |
उत्तर :  सबसे पहले तो मेरे लिए यहाँ आना ही गर्व की बात है | मैं यहाँ दोबारा ज़रूर आना चाहूंगी | साथ ही मैं लड़कियों से आग्रह करूंगी कि वे भी खेलों में बढ़-चढ़कर भाग लें | और अंत में यही कहूँगी की हार-जीत उतनी ज़रूरी नहीं जितना खेलना |

और ऐसे हुई शुरुआत

पिलानी 16 सितम्बर : शाम 7:30 बजे बॉसम 2009 का उद्घाटन समारोह संपन्न हुआ | भारत के कोने – कोने के तमाम कॉलेजों से आये करीब 1000 प्रतिभागी कतारबद्ध होकर अपने कॉलेजों का प्रतिनिधित्व कर रहे थे | प्रत्येक कॉलेजों का नाम पुकारे जाने पर गूंजने वाली भीड़ की आवाजें माहौल को और भी जोशीला बना रही थी | सभी टीमों के चारों और बैठे हुए दर्शक निश्चित रूप से उत्साहवर्धन करने में पूरी तरह से सफल साबित हो रहे थे | करीब 7:45 पर कार्यक्रम आरंभ हुआ | समारोह की मुख्य अतिथि सुश्री सुरभि मिश्रा थी जो कि एक ख्यातिप्राप्त स्क्वैश खिलाड़ी हैं |

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रूप से प्रोफ. एन.वी. मुरलीधर राव एवं प्रोफ. जी रघुरामा द्वारा दीया जलाने से हुई | तत्पश्चात खेल सचिव वीरा विक्रम ने जनता को संबोधित किया | अपने जोशीले भाषण में उन्होंने सभी प्रतिभागियों का इस 5 दिवसीय महोत्सव में स्वागत किया | साथ ही 70 प्रतियोगिताएं एवं 20 लाख के विशाल बजट वाले इस आयोजन के वृहद् स्वरुप पर भी प्रकाश डाला |

प्रोफ. जी रघुरामा ने अपने संबोधन में सुरभि मिश्रा को सभी के लिए एक उदहारण बताया, क्योंकि वह सिर्फ 19 साल की उम्र में ही देश का नाम रोशन कर रही हैं | उन्होनें सभी को सच्ची खेल भावना का परिचय देने को कहा एवं हार-जीत से ऊपर उठकर खेलने को कहा | अंत में उन्होंने सभी आने वाले  दिनों के लिए शुभकामनाएं दी |

प्रोफ.आर.के.मित्तल ने दर्शकों को  सही तरीके से उत्साह प्रदर्शन करने का सन्देश दिया एवं सभी कोचों एवं प्रतिभागियों का अभिनन्दन किया | मुख्य अतिथि सुरभि मिश्र ने सभी को सच्ची खेल भावना से खेलने का सन्देश दिया एवं कहा कि खेलों का उद्देश्य तो सर्वांगीण  विकास है | उन्होनें बिट्स को यह आयोजन सफल होने की शुभकामनाएं दी |

इन सब के उपरांत क्षेत्रीय संगठनों ने अपने गीत एवं नृत्य के रंगारंग कार्यक्रम से जनता का दिल जीत लिया | साथ ही अक्टूबर में होने वाले हमारे सांस्कृतिक महोत्सव ओएसिस का ट्रेलर भी दिखाया गया |

पारंपरिक रूप से उद्घाटन समारोह का हिस्सा रहा बास्केट बाल मैच भी खेला गया | टीमें थी बिट्स पिलानी एवं मालारेड्डी हैदराबाद | अंत में मेजबान ने विपक्षी दल को 13-2 से पराजित किया | इस प्रकार बॉसम 2009 का आरंभ हुआ | आशा है की जो उत्साह पहले दिन देखने को मिला वही आगे भी दर्शनीय होगा |

Wednesday, September 16, 2009

आरम्भ है… प्रचंड है!!

स्वागत है !!

बिट्स की कर्मभूमि में खेलों के इस महाकुम्भ का अनावरण यद्यपि औपचारिक रूप से अभी नहीं हुआ है ..तथापि खेल शुरू हो चुके हैं , एवं उत्साह एवं जोश की हलचल हर तरफ विदित है .. बिट्स पिलानी में आये सभी मेहमानों का हार्दिक स्वागत है एवं आने वाले दिनों के लिए शुभकामनाएं … कॉलेज में अपने नवागंतुक कदम रखते हुए ही हर बिट्सियन की आँखों के सामने जो सबसे पहला जश्न का मौका आता है…वह यही होता है….नए नए कैम्पस , विषय , प्रोफेसर्स , सिनिअर्स , भोजन इन सब से रूबरू होते ही कब एक पहला महीना बीत जाता है .पता ही नहीं चलता ..और उसके बाद आता है यह खेलो का मेला | शहर से दूर इस कसबे में इतनी चहल पहल देखना निश्चित रूप से नयी आँखों के लिए एक सुखद आश्चर्य होता है , एवं देश भर से आये हुए कॉलेजों की भीड़ देख कर ही एहसास होता है पहली बार अपने बिट्स पिलानी होने के गौरव का |

हालाँकि ये प्रश्न सभी के जेहन में रहता है की जब इतना कुछ हो रहा है कैम्पस में , तब आप कैसे भला हम विद्यार्थियों से क्लासों में आने की अपेक्षा कर सकते हैं | वो भी तब जब सारा इन्तेजाम हमें ही करना है … खैर ..शायद इन्ही कुछ कारणों से हमारे यहाँ क्लास लगाने की बाध्यता नहीं है | पर इस वक़्त के बीच में टेस्ट्स assignments रखने का क्या मतलब ??

खैर ये तो “ऊपरवाले” ही जाने !!

इसमें कोई दो राय नहीं है की आने वाले कुछ दिन जोश एवं मस्ती से भरपूर होने वाले हैं .. तो आप सब भी .. जो की अपने अपने कमरों में बैठे हुए हैं ..बाहर चलिए और इस जश्न का पूरा लुत्फ़ उठाइए !!

हिन्दी दिवस – एक सोच

हमारी राजभाषा हिन्दी है। उत्तर भारत में हिन्दी पट्टी है जहां कई राज्यों की राजभाषा हिन्दी है। भारत के संविधान में इन राज्यों को ”क” श्रेणी में रखा गया है। संवैधानिक रूप से हिन्दी को राष्ट्रभाषा नहीं, राजभाषा कहा गया है। 14 सितम्बर 1949 को हिन्दी को संघ के संविधान में राजभाषा का दर्जा दिया गया और संविधान में बाकायदा इस की व्याख्या की गई। राजभाषा के रूप में हिन्दी की विजय मात्र एक मत से ही हुई थी, ऐसा कहा जाता है। ‘क’ श्रेणी में हिमाचल, हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार तथा सभी संघ शासित राज्य आते हैं। इस क्षेत्र को ही हिन्दी पट्टी कहा जाता है |

हिन्दी के राजभाषा बनने पर हिन्दी में एम.ए. किए ‘हिन्दी सेवियों’ की भी पूछ बढ़ी। कोयला से ले कर रेल मन्त्रालय तक हिन्दी अधिकारियों के पद सर्जित हुये। बैंकों में तो अच्छे ग्रेड में हिन्दी अधिकारी लगे। ऐसा भी समय आ गया था कि हिन्दी-विषय केवल लड़कियां ही लेती थीं। समय बदला और प्राईवेट कोचिंग अकेडेमियों में रतन, प्रभाकर पढ़ाने वाले हिन्दी अधिकारी लगने लगे। ‘हिन्दी’ के साथ ‘अधिकारी’ शब्द लगा तो आदर सूचक था। वेतन और ग्रेड भी आकर्षक था। यहां हिन्दी सही मायनों में रोटी रोजी के साथ जुड़ी।

किसी भी भाषा को राजभाषा बनाना सरकार की इच्छा शक्ति पर निर्भर करता है। मुगल काल में उर्दू-फारसी का चलन सरकार ने किया। आज भी गांव देहात के अनपढ़ बुजुर्ग सत्तर प्रतिशत उर्दू के शब्दों का प्रयोग जाने अनजाने में करते हैं। इसी तरह ब्रिटिश शासन ने अंग्रेजी को थोपा । आज भी ठेठ ग्रामीण महिलाएं कहती हैं, “आज मेरा मूड ठीक नहीं है या मैं बोर हो रही हूँ ।”

हिमाचल प्रदेश में ”हिमाचल प्रदेश अधिनियम,1975” पारित हुआ जिसके अनुसार प्रदेश की राजभाषा नागरी लिपि में हिन्दी घोषित की गई। इसी तरह की इच्छाशक्ति का परिचय दिया था हिमाचल प्रदेश के तत्कालीन मुख्य मन्त्री शान्ताकुमार ने। उन्होंने सरकार से आदेश करवा दिये कि 26 जनवरी 1978 से सरकार का सारा कामकाज हिन्दी में होगा। इस आश्य की अधिसूचना 12 दिसम्बर 1977 का जारी की गई जिसमें मेडिकल कॉलेज, विधि विभाग और तकनीकी विभाग के अधीन औद्योगिक प्रशिक्षण को छोड़ कर सारा कामकाज हिन्दी में करने के आदेश थे। इस पर बहुत हाय-तौबा मची, हिन्दी टंकण यन्त्र न होने, हिन्दी स्टेनो-टाईपिस्ट न होने जैसे कई बहाने भी लगाए गये। किन्तु सरकार की इच्छा शक्ति थी तो हिन्दीकरण लागू हुआ। उस समय इसे हिन्दी में ”स्विच ओवर” कहा गया था। उस समय जो मुख्य सचिव थे, वे हिन्दी में हस्ताक्षर तक नहीं कर सकते थे। सब वाधाओं के बाबजूद भी ‘स्विच ओवर’ हुआ। हिन्दी टंकण, आशुलिपि का प्रशिक्षण सरकारी स्तर पर दिया गया। अग्रेजी टंकण मशीनों की खरीद, अंग्रेजी टाईपिस्टों, आशुलिपिकों की नियुक्ति पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगाया गया। जहां मुख्य मन्त्री जाते, रातों-रात सड़कों के मील पत्थर, सर्किट हाउसों के कमरे ‘कक्षों’ में बदल जाते। कोई भी अधिकारी मुख्य-मन्त्री को अंग्रेजी में फाईल प्रस्तुत नहीं कर सकता था। ऐसे में कई तरह के मजाक भी बने कि यदि कुछ अनुमोदित करवाना है तो हिन्दी में नोटिंग लिखो, सचिवों को हिन्दी पढ़नी आती नहीं, जो मर्जी हिन्दी में लिख डालो, अनुमोदित हो जाएगा।

हिन्दी के प्रचार के लिए यह अत्यन्त आवश्यक है कि उर्दू-फारसी, अंग्रेजी तथा स्थानीय भाषाओं के शब्दों को ज्यों का त्यों अपना लिया जाए और सरल से सरल आम बोलचाल की भाषा का प्रयोग किया जाए। कुरता, पाजामा दरवाजा, खिड़की, कलम, दवात, स्कूल, अस्पताल, इंस्पेक्टर, बोर्ड, वारंट, डिग्री आदि ऐसे शब्द हैं जो आज एक ग्रामीण भी बोलता और समझता है। प्रचलन प्रयोग से फैलता है। आरम्भ में सचिवालय, मन्त्रालय, अभियन्ता, टंकक, अनुभाग, प्रशासन, आबंटन, अधीक्षक, निरीक्षक, सर्वेक्षक, परिचर, नियन्त्रक आदि शब्द अजीब लगते थे। आज इन्हें सभी प्रयोग करते हैं।

एक बार आरम्भ में एक संस्कृत महाविद्यालय में संस्कृत दिवस मनाने गए तो वहां कोई नहीं जानता था कि संस्कृत दिवस भी कोई दिवस होता है। अब तो आलम यह है कि हर दिन कोई न कोई दिवस है। कभी बाल दिवस है, कभी वृध्द दिवस; कभी दिल दिवस है तो कभी आंख दिवस; कभी सास दिवस है तो कभी बहु दिवस। यह दिवस अब विश्व स्तर पर मनाए जाते हैं। तो हिन्दी दिवस मनाने में क्या हर्ज़ है। कम से कम हिन्दी वालों को तो यह दिवस जोश से मनाना चाहिए। भाषा का विकास व्यवसाय से जुड़ा है। हिन्दी यदि रोटी भी देने लगी है तो इसे धूम से मनाईए।

निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल।
बिनु निज भाषा-ज्ञान के, मिटत न हिय को सूल।।
अँग्रेजी पढ़ि के जदपि, सब गुन होत प्रवीन।
पै निज भाषा-ज्ञान बिन, रहत हीन के हीन।।

अनुलेख : यह कृति अंतरजाल के सहयोग से लिखी गयी है | यह हमारी एवं कई और लोगों की सोच का मिश्रण है |

मुख्य अतिथि - सुरभि मिश्रा

नाम - सुरभि मिश्रा
आयु - 19
खेल - स्क्वैश
जन्म स्थान और निवास - जयपुर
WISPA में 2006 से शामिल
वर्तमान विश्व रैंकिंग : 240
पूर्व विश्व रैंकिंग : 233
सबसे ज्यादा विश्व रैंकिंग : 110 (जून 2007)
रैकेट : विल्सन
कोच : साइरस पोंचा
सफलता - हाल ही चेन्नई में अगस्त में आयोजित तेरहवीं महिलाओं के लिए जूनियर स्क्वैश विश्व टीम प्रतियोगिता में सेमी फाइनल में पहुँचने में सफलता हासिल की है |

Sunday, September 13, 2009

बॉसम की तैयारियों पर एक नज़र

अब जब बॉसम की शुरुआत में मात्र 3 दिन रह गए हैं ,परिसर में हलचल काफी बढ़ गयी है | सैक व जिम जी में खिलाड़ियों को अभ्यास करते हुए देखा जा सकता हैं | बॉसम हिंदी प्रेस ने बॉसम की तैयारियों के बारें में जानने के लिए खेल सचिव वी. वीरा विक्रम से मुलाकात की |

बॉसम के खेल सचिव वी. वीरा विक्रम वॉलीबॉल टीम के कप्तान हैं | इसबार बॉसम में प्रायोजकों की संख्या 2-3 गुना हो गयी है जिसके कारण इस वर्ष पुरस्कार की राशि में वृद्धि भी की गयी है | इसका मुख्य श्रेय वे बॉसम - स्पोंज और खुद की मेहनत को देते हैं | उन्होंने बॉसम का काम पिछले सेमेस्टर से ही प्रारंभ कर दिया था और इस वर्ष परिसर में आते ही काम में जुट गए थे जिसका फल इस बार बॉसम में प्रातभागी कॉलेजों की संख्या देख कर लगाया जा सकता है | पिछले वर्ष के 830 की तुलना में इस बार 980 से भी अधिक प्रतिभागी हैं , जिनमे आई . आई. टी. ( वाराणसी , राजस्थान, दिल्ली, कानपुर ) के छात्र भी सम्मिलित हैं | उन्होंने बताया कि बाहरी प्रतिभागियों के लिए रहने की जगह की कमी के कारण 980 से अधिक प्रतियोगियों को नहीं बुलाया जा सकता | 

उनका मुख्य कार्य सभी कोस्कानों में समन्वय बैठाना होता है | पहले सभी कार्यों में सिर्फ खेल सचिव निर्णय लिया करते थे पर उन्होंने इस बार इस प्रणाली को हटाकर निर्णय लेने के लिए सभी कोस्कानों और खेल सह-सचिव के मत को भी ध्यान में रखा गया है | उन्होंने स्थायी " लाइटिंग " सिस्टम लगवाने का भरपूर प्रयास किया किंतु आतंरिक मतभेदों की वजह से वह सफल नहीं हो पाया | इस बार बॉसम में सांस्कृतिक झलक के लिए 19 सितम्बर को एक " वेस्टर्न नाईट " का आयोजन किया जायेगा एवं उद्घाटन के दौरान क्षेत्रीय संघ भी अपनी प्रस्तुति देंगे |

इस बार की मुख्य अतिथि सुरभि मिश्रा होंगी ,जो अंडर-19 अंतर्राष्ट्रीय स्क्वैश प्रतिस्पर्धा की विजेता और कॉमनवेल्थ खेलों में 2 स्वर्ण पदक विजेता रह चुकी हैं | स्वाइन फ्लू के कारण प्रतियोगियों के कम होने की खबर पर उन्होंने कहा कि हमारी चिकित्सा व्यवस्था को देखते हुए किसी भी कॉलेज ने आने से मना नहीं किया है | हर बार की तरह बहुतया चर्चित बिट्स के पक्षपाती होने पर खेल सचिव ने बिट्स का समर्थन करते हुए कहा कि हर कॉलेज में ही ऐसा होता है जो कॉलेज मेजबानी करता है उसपर ये आरोप लगते ही हैं और इस पर अधिक ध्यान नहीं दिया जाना चाहिए| 

बॉसम में इस बार पॉइंट बल और स्क्वैश प्रतिस्पर्धा का आयोजन पहली बार हो रहा है | इग्निशन इस बार फिर आतंरिक कारण से नहीं हो पा रहा है | पिछले कुछ दिनों की बारिश के कारण बॉसम की तैयारियों पर असर हुआ है, पर खेल सचिव ने अपनी सभी टीमों पर भरोसा जताया है | उनका जनता को सन्देश है कि वे बॉसम का भरपूर आनंद लें एवं बिट्स की टीमों को प्रोत्साहित करें | बॉसम हिंदी प्रेस की ओर से सभी टीमों को बॉसम के लिए बहुत बहुत शुभकामनाएं |


Tuesday, September 8, 2009

बॉसमस