Tuesday, March 24, 2009

अपोजी का बिगुल बजा - २३/०३/२००९

मुख्य अतिथी श्री बी.के.चतुरवेदी (जो कि भारतीय योजना आयोग के सदस्य हैं) का आगमन हो चुका था | मंच संचालक ने कोस्टा बॉडी के सदस्यों का परिचय कराते हुए उन्हें मंच पर आमंत्रित किया गया और दीप प्रज्ज्वलित कर मुख्य अतिथि ने बिट्स की 27वीं तकनीकी उत्सव, अपोजी २००९ का शंखनाद किया |

फिर प्रेजिडेंट ने आगंतुकों का बिट्स में स्वागत किया और सभी डिपार्टमेन्ट्स/क्लब्स के सदस्यों का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने अपोजी को सफल बनाने के लिए रात-दिन एक कर दिया है | इसके बाद डॉ.एल.के.माहेश्वरी ने बताया कि कैसे अपोजी की शुरुआत एक छोटे से साइंस कांग्रेस के रूप में हुई थी और सम्पूर्ण व्याख्यान देते हुए आसीन हुए |

अब बारी थी मुख्य अतिथि के भाषण की | उन्होंने छात्रों से कहा कि अगर वे अपनी रूची के क्षेत्र में 10000 घंटे मेहनत कर लें तो उनकी सफलता के बीच कोई भी रोड़ा नहीं आ सकता | उन्होनें बिल गेट्स का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे छात्र ज़िन्दगी में मिलने वाले सुनहरे अवसरों को भुनाकर सफलता की राह पा सकते हैं |

इसके बाद उन्होंने आर्ट एन डी के उस आकृति का उद्घाटन किया जो कि अपोजी-०९ के विषय-वस्तु "लेवीटेट" का चिह्न है | अंत में महासचिव ने भी उन सभी लोगों का धन्यवाद किया जिन्होंने अपोजी-०९ को ख़ास बनाने में योगदान दिया है |

तो यूँ बजा अपोजी-०९ का शंख नाद | जोश बढ़ चुका है और कैम्पस में हर तरफ़ इस तकनिकी महोत्सव को लेकर लोगों में उत्साह है | आप अगर बिट्स में है तो हमे कुछ बताने की ज़रूरत नहीं है पर अगर आप बिट्स से बाहर हैं तो हमारे साथ इस ब्लॉग पर मिलते रहिये | हमे विश्वास है की हम इस महोत्सव के पल पल की ख़बर आप तक पहुँचा पाएंगे |

Monday, March 23, 2009

आज : 24/03/2009 , मंगलवार के कार्यक्रम

ऑडी
2000 hrs – मिथाली

1101/1102

0900 hrs - औटोबोट्ज़
1730 hrs - सृष्टि राउंड 2 (1101)

1105/1106/1139
1000 hrs - कोड जैम (1139)
1430 hrs - कोड स्टॉर्म
1830 hrs - स्केडियो (1139)

1216/1225/3160
0900 hrs – बिट्समुन

1207/1223
0930 hrs - सृष्टि राउंड 1(1223)
1400 hrs – GDBMNOC PD E-1/2

1232
1400 hrs - टर्नकोट

2213
1330 hrs - अप्लाइड इंजीनिरिंग

2217
1000 hrs - जन्क्यार्ड वार्स राउंड 1

2219
1000 hrs - नेटबीन्स वर्कशॉप
1400 hrs - साइंस क्विज़

2220
1200 hrs - जीउ डी टेक
1600 hrs - जिओपार्डी

3158
1100 hrs - कोंटक्ट सिंगापुर
1400 hrs - पेपर प्रेसेंटेशन

3156
0900 hrs - टून्ज़ वर्कशॉप

SAC QT
1500 hrs - नोकाउट चैलेंज

Astro Room
2000 hrs - ऐस्ट्रो वर्कशॉप

FD-II QT
1430 hrs - ट्रेज़र हंट (केम असौक)

Gym-G
1600 hrs - एयरस्ट्राइक
1900 hrs - फुल थ्रौटल ग्रैंड प्रिक्स

Photog Room
1400 hrs - अन्मास्क ( फोटोग एक्सिबिशन )

स्वीमिंग Pool
1300 hrs - बैटल ऑफ वाटरलू

LTC QT
1400 hrs - माइन मैस्ट्रो

5101
0900 hrs - प्रोडक्ट पिच
2000 hrs - बायोलोयड सोकर

5102
1000 hrs - परिशोध इ-डिजीटल
1330 hrs - प्रोडक्ट पिच
1700 hrs - माइकल क्रेमो द्वारा व्याख्यान

5103/5105/5106
0900 hrs - पेपर प्रेजेंटेशन
1400 hrs - पेपर प्रेजेंटेशन
1800 hrs - IDA वर्कशॉप (5103)

5104
2000 hrs - कोन्टैक्ट सिंगापुर

5105
1830 hrs - जॉन सी माथेर द्वारा व्याख्यान

उपरोक्त कार्यक्रम किसी भी पूर्व सूचना के बिना परिवर्तन के अधीन है। किसी भी प्रश्न के लिए कोन्ट्रोल्ज़ विभाग से संपर्क करें |

आध्यात्मिकता अपोजी के द्वार - माइकल क्रेमो

माइकल ऐ. क्रेमो
माइकल ऐ. क्रेमो जिन्हें द्रुत्कर्मा दसा के नाम से भी जाना जाता है एक अमरीकन हिन्दू सृष्टि-सिद्धांतवादी (क्रीएशनिस्ट) हैं जिनका काम यह दर्शाता है कि आधुनिक मानव धरती पर निमित वर्षों से रह रहा है | उनकी किताब "फॉर्बिडेन आर्किओलोजी" ने बहुत से हिन्दू "सृष्टि-सिद्धांतवादी" और "पैरानॉर्मलिस्ट" को प्रभावित किया है लेकिन विज्ञान जगत ने इसमें दिए गए सूत्रों को नकारा है |

क्रेमो ने जॉर्ज वाशिंगटन युनिवेर्सिटी से पढ़ाई की और अमरीकी नौसेना में काम किया | क्रेमो कृष्ण जागरूकता के लिए "अंतर्राष्ट्रीय समुदाय" और "भक्तिवेदंता इंस्टिट्यूट" के सदस्य हैं | जब उन्हें 'सुशोभित मृत' नामक एक कंसर्ट में भगवद गीता की एक पुस्तक दी गयी , उसके बाद उन्होंने समकालीन लेखकों को कहा कि वे अपना जीवन कृष्ण को अर्पित करना चाहते हैं | उन्होंने इसकॉन द्वारा मृत्युदंड पर दिए गए बयान पर पेपर भी लिखा और इसकॉन द्वारा आयोजित ' डिसिप्लिक ' उत्तराधिकार ( जिसे "रित्विकिज़म" कहते हैं ) पर संघठित अभियान का नेतृत्व किया है |

मार्च २००९, यानी इसी महीने "हिस्ट्री" चैनेल पर एक टी.वी सीरिज़ "ऐन्शिएन्ट एलिएंस" पर आ रहे हैं | वे स्वयं को एक वैदिक पुरातत्ववेत्ता मानते हैं |

तो इंतज़ार किस बात का है , अगर आपको आध्यात्मिक या मानव विकास में रूचि है तो इस व्याख्यान में अवश्य उपस्थित रहें | ऐसे मौके बार- बार नहीं आते |

-विभु

एस.पी.कोठारी इस अपोजी

एस.पी.कोठारी
एस.पी.कोठारी, यह नाम सुना-सुना सा लगता है| अरे ! ये तो एक बिट्सियन ही हैं जो अपोजी-०९ में आ रहे हैं | बिट्स से इंजीनियरिंग करने, आईआईएम से एम.बी.ए. और युनिवर्सिटी ऑफ़ इयोवा से पी.एच.डी. की | शायद हममें से बहुत विद्यार्थी ऐसे ही कुछ 'रिज्यूमे' की कामना करते हैं|

कोठारी जी, जो अभी ईक्युइटी रिसर्च के 'ग्लोबल हेड' हैं, जुलाई २००८ से पहले एम.आई.टी. इलिन स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट में 'गोर्डन वाई बिलिआर्ड' प्रोफ़ेसर ऑफ़ मैनेजमेंट थे | साथ ही वे वहां अर्थशाश्त्र, वित्त और 'अकाउंटिंग' के 'हेड' थे | वे जर्नल ऑफ़ 'इकोनोमिक्स और अकाउंटिंग' के संपादक भी हैं |

उनका व्याख्यान हम में से सभी के लिए काफी लाभदायक होगा और हमारा अनुमान है की जनता इस व्याख्यान में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेगी |

तो आइये मिलते हैं कोठारी जी से... और कहीं नहीं... अपोजी-०९ में !!!

-विभु