हिन्दी प्रेस क्लब, बिट्स पिलानी कैम्पस में हिन्दी के प्रचार प्रसार के लिए काम करता है..हमारे प्रकाशन कुछ इस प्रकार है- 1.) बॉसम हिन्दी प्रेस - "स्पर्धा" 2.) ओएसिस हिन्दी प्रेस - "प्रतिबिंब" 3.) अपोजी हिन्दी प्रेस - "सृजन" 4.) मासिक बिट्सियन समाचार पत्र - "प्रवाह" 5.) "वाणी" - बिट्स की एकमात्र हिन्दी वार्षिक पत्रिका | ज़्यादा जानकारी के लिए ब्लॉग पढ़ते रहिये।
Tuesday, November 3, 2009
काश! यह सपना सच होता
पता नहीं कब मैं विचरते-विचरते वहां पहुँच गया | अरे ये क्या - यह तो अपना पुराना ऑडी है | और सामने ये कौन है | मेरे नज़रों के सामने के.के. की तस्वीर उभर आई | पर वो तो पिछले साल यहाँ आया था | और उस बात को तो बीते हुए मानों सालों हो गए हैं | पर फिर सामने कौन है और मेरे आस-पास ये बेकाबू जनता इतना उछल-कूद क्यों मचा रही है? और ना जाने कब ये सोचते-सोचते मेरे कदम भी थिरकने लगे | मैंने अपने आस पास उन सभी अपनों को पाया जिन्हें देखने की इच्छा मैं मन में दबाये हुए ज़िन्दगी बिता रहा था | अरे ये तो अपना हिन्दी प्रेस परिवार है | हाँ सब यहीं | कहीं मैं स्वप्न तो नहीं देख रहा हूँ मैंने अपने मन से पूछा | मेरे सामने शंकर महादेवन बेदम(ब्रेथलेस) गाना गा रहा था और सभी लोगों के साथ मैं भी अपने हाथों को उठाकर इस ज़बर्दस्त प्रस्तुति का जयकारा लगा रहा था |
और तभी न जाने मेरे सामने से ऑडी ओझल होने लगी | मैं चिल्ला रहा था - ये क्या हो रहा है.. कोई मुझे पकङो.. कोई मुझे पकङो.. मुझे अभी और नाचना है | पर किसी क्या ध्यान मेरी तरफ था ही नहीं | कोई मुझे सुन नहीं पा रहा था और न ही कोई देख पा रहा था | और इस अदृश्य शक्ति के सामने मुझे हार मानना पड़ा |
पर जब वह भयभीत आँखें खुली तो नज़ारा बदल चूका था | मैं एम्-लॉन्स में पहुँच चुका था | लोग "बेरी-बेरी ब्लैकबेरी" के नारे लगा रहे थे | कभी किसी के धक्के खाता तो कभी किसी के | पर न जाने इस धक्के में वो माँ की गोद सा प्यार था | बड़ा अच्छा लग रहा था | और साथ ही साथ कुछ हसीन मुखड़ों का सामने से तर जाना इस धक्के को जैसे शुन्य सा कर दे रही थी | यहाँ पर मैं अपने कुछ पुराने दोस्तों के साथ था | वही दोस्त जिनके साथ तीन साल गुज़ारने के बाद जो बंधन बच गयी थी, वो थीं सिर्फ - यादें |
पता नहीं पलकों के नीचे दो बूँदें लुढ़क गयीं | आसमान पे देखा तो पूरा साफ़ | पर आँखें डबडबा गयी थीं | फिर न जाने रजत जयंती पर ही मुलाक़ात हो | पर कौन जाने कल हो न हो | कल कौन रहे और कौन नहीं | इसी सोच के साथ मैं उन सबके साथ आस पास के खाना चौपाटी पर गया और उनसे जॉब लगने की ट्रीट मांगी | सबने बड़ी ख़ुशी-ख़ुशी कहा - जो चाहो लो | ऐसे मौके बार-बार थोड़े ही ना आते हैं | और मैं कुछ देर बाद अपने पराँठे का इंतज़ार कर रहा था |
तभी मुझे आभास हुआ कि वही अदृश्य शक्ति मुझे अपने दोस्तों से दूर कर रही है | मैंने सोचा कि बस इस बार नहीं | इस बार मैं इस शक्ति को तोड़ के रहूँगा | कोई मुझे अपने दोस्तों से अकेला नहीं कर सकता है | पर बाद में ख्याल मैं भी उस मूढ़ इंसान की तरह हर चीज़ को पकड़ के रखना चाहता हूँ | हर चीज़ छूट जाएगी | और इसी तरह मैंने हार मान ली | मैं इस अदृश्य शक्ति के साथ एक अनंत भंवर में बहता हुआ बहुत दूर आ गिरा |
यहाँ मुझे डर लग रहा था | मैंने आवाज़ लगाई - कोई है, कोई है | पर उस सुनसान सन्नाटे में एक सुई के गिरने की भी आवाज़ नहीं आई और ना ही मेरी अपनी आवाज़ | मेरा जी घबरा उठा | मैं फिर से चिल्लाया - कोई है, कोई है |
पर मानों मैं पाताल में था | मैं ओएसिस-०९ को याद करके रोने लगा और चिल्लाता रहा |
तभी मेरे रूम-मेट ने मुझे लात मार के उठाया और कहा - अरे भाई, सुबह पांच बजे डरा दिया तूने | क्या कोई सपना देख रहा था?
मैंने माफ़ी मांगते हुए कहा - हाँ यार, पर शायद यह सपना सच होता | और फिर से सो गया |
अभी ऑफिस में बैठा हूँ और उस सपने को याद करके बस यही सोचा रहा हूँ - काश! यह सपना सच होता !!!
प्रतीक माहेश्वरी
2006A3PS206P
Monday, October 26, 2009
झलकियाँ… जश्न से पहले…..

स्पोंसरशिप एंड मार्केटिंग

उद्घाटन समारोह की तैयारी में जुटे डांस क्लब के सदस्य


आर्ट एंड डेकोरेशन


रिसेप्शन एंड अकोमोडेशन

कंट्रोल्ज़


फ़ैश-पी

हिंदी ड्रामा क्लब

झंकार

डिपार्टमेन्ट ऑफ़ थिएटर

निर्माण

Sunday, October 25, 2009
इस ओएसिस में
उद्घाटन समारोह पर मुख्य अतिथि - राहुल बोस
इस वर्ष ओएसिस के उद्घाटन समारोह के दौरान राहुल बोस मुख्य अतिथि होंगे जिनसे हर भारतीय वाकिफ तो जरुर होगा | चाहे वो उनके रुपहले परदे पर की कलाकारी हो या उनके सामाजिक जीवन से जुडी गतिविधियाँ | वे एंटी-डिस्क्रिमिनेशन गैर सरकारी संगठन के संस्थापक भी हैं | बोस भारत के अंतरराष्ट्रीय रग्बी टीम (राष्ट्रीय ऑरेंजइंडियन रग्बी टीम) के पूर्व सदस्य हैं |
प्रॉफ शो
शंकर एहसान लॉय
इस ओएसिस हमारे बीच होंगे शंकर महादेवन, एहसान नूरानी और लॉय मेंडोसा की तिकड़ी | जी हाँ, झंकार का यह प्रयास इस ओएसिस का मुख्य आकर्षण बना हुआ है | अब तो बस इंतज़ार है की कब रॉक ऑन, दिल चाहता है, मिशन कश्मीर आदि के गाने इस तपती रेत को ठंडा करेगी |
रेनबो ब्रिज
रेनबो ब्रिज ने अपने संगीत के मूल ब्रांड के साथ पिछले कुछ वर्षों में भारतीय संगीत के परिदृश्य पर एक अनोखी छाप छोड़ी है| मूल रॉक, लोकगीत की धूम के साथ कर्नाटक और हिंदुस्तानी संगीत का मसालेदार रॉक एन रोल का यह अद्वितीय मिश्रण इस बैंड की पहचान है |
हास्य कवी सम्मलेन
हिन्दी कार्यकारिणी समिति द्वारा इस वर्ष आपके समक्ष प्रस्तुत होंगे ऐसी हीं दो हस्तियाँ, जो आपको गुदगुदातें नहीं थकेंगे |
सुनील पाल - ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेंज 2005 के विजेता |
रास बिहारी गौड़ - ग्रेट इंडियन लाफ्टर चैलेन्ज 4 के फाइनलिस्ट |
डिपार्टमेन्ट ऑफ़ थिएटर (बिट्स,पिलानी) ने कुछ निम्नलिखित संस्थानों से गठजोड़ किया है :-
1) ग्लिट्ज़ अकादमी : फैशन के लिए|
2) SDIPA (शिआमक डावर मंचन कला संस्थान) | इस सहयोग के भाग के रूप में, SDIPA के प्रशिक्षक वार्षिक नृत्य कार्यशाला का आयोजन करेंगे | इसके अलावा, SDIPA ओएसिस के दौरान तीन प्रमुख नृत्य कार्यक्रमों : स्ट्रीट डांस, राज़मटाज़ और कोरो के निर्णायक मंडली की शोभा बढ़ाएंगे |
3) भारत के सबसे बड़े समूह के युवा रंगमंच महोत्सव "थेस्पो" के इस अक्तूबर पिलानी आने की बात आती है| सिर्फ यही नहीं ओएसिस में थेस्पो द्वारा चयनित थिएटर समूह को राष्ट्रीय समारोह का एक हिस्सा बनने का अवसर मिलेगा जिसका आयोजन 8 दिसम्बर को किया जाना तय है |
ओएसिस 2009 से जुड़ी कुछ आंकड़े :-
प्रतिभागी कॉलेजों की संख्या : 60 से अधिक
प्रतियोगियों की संख्या: 1350 लोगों का आना तय
ओएसिस के दौरान होने वाले इवेंट्स की संख्या: 49
ओएसिस 2009 प्रायोजक :-
अभी तक कुल स्वीकृत राशि : 18.5 लाख
प्लेटिनम प्रायोजक : ब्लैक्बेरी
एसोसिएट टाइटल प्रायोजक : स्प्राईट
गोल्ड प्रायोजक : रेमंड, फंडागोली, मोंटे कार्लो
प्लेसमेंट - एक नज़र में
हिंदी प्रेस ने परिसर में चल रहे प्लेसमेंट के बारे में पता करने के लिए प्लेसमेंट डीन श्री एम् एस दासगुप्ता एवं प्लेसमेंट समन्वयक चतुर्थ वर्षीय छात्र आयुष बंसल से बातचीत की |प्रस्तुत हैं इस मुलाकात के कुछ अंश -
प्रश्न - अब तक हुए प्लेसमेंट के बारे में बताएं तथा आने वाली कंपनियों के रुझान के बारें में बताएं?
जवाब -बिट्स के स्नातक छात्र अपने विभाग से परे रोजगार पाने के काबिल हैं | वो स्नातक की डिग्री लने से पहले रोजगार पा लेंगे , इसी विश्वास के साथ मैं काम करता हूँ | नहीं तो उस काम में कोई मजा नहीं है अगर मैं युद्ध में जाने से पहले ही मान लूं कि मैं हार जाऊंगा |
¨ अभी तक कुल 35 कंपनियां आ चुकी हैं तथा 180 छात्रों का स्थानान हो चुका हैं |
¨ अभी तक हुए प्लेसमेंट में सबसे अधिक वेतन पैकेज वाली कंपनियाँ amazon एवं shell हैं , जिनका सालाना वेतन 14 लाख हैं | इन दोनों ही कंपनियां ने दो-दो छात्रों का चयन किया हैं |
¨ कुछ प्रमुख नियोक्ताओं में से हैं BHEL,NTPC एवं HP जिन्होंने 20 से भी अधिक की संख्या में छात्रों का चयन किया हैं |
¨ आने वाली कंपनियों में मेकैनिकल, सॉफ्टवेयर, इलेक्ट्रानिक्स के लिए आने वाली कंपनियों की संख्या अधिक हैं |
¨ अभी तक हुए प्लेसमेंट के आधार पर औसत वेतन करीब 6 –7 लाख हैं |
प्रश्न - ज्यादातर छात्र यह सोचते हैं कि प्लेसमेंट के लिए प्रथम सेमेस्टर बेहतर है | इस पर आप क्या कहना चाहेंगे |
उत्तर - प्लेसमेंट सेमेस्टर चुनाव के लिए कई कारक होते हैं जैसे कि जी आर ई या कैट की तैयारी , प्रैक्टिस स्कूल का चुनाव इत्यादि | छात्र अपनी प्राथमिकताओं को ध्यान में रख कर ही यह निर्णय लेते हैं |
प्रश्न - क्या आपको कंपनियों को पिलानी बुलाने में किसी विशेष परेशानी का सामना करना पड़ता हैं ?(जैसे पिलानी की भौगोलिक स्थिति )
उत्तर - संयोग से हमारे पास इतने अच्छे छात्र तथा शिक्षक हैं कि अगर कोई कम्पनी सिर्फ हमारी भौगोलिक स्तिथि के वजह से नहीं आ रही है तो या तो वह झूठ बोल रही है या हमसे अनजान है |ज्यादातर जिम्मेदार कंपनियों को पता है कि अच्छे छात्रों के लिए
उन्हें बिट्स पिलानी आना पड़ेगा |
प्रश्न -यह मानते हुए कि अर्थव्यवस्था अभी मंदी के दौर से उभर ही रही है , आप प्लेसमेंट के लिए तैयार छात्रों को क्या सुझाव देना चाहेंगे ?
उत्तर - इस सेमेस्टर में मुझे ऐसा लगता है कि मै बेहतर माहौल में काम कर रहा हूँ |कठिन समय में छात्रों को कठिन निर्णय लेने के लिए तैयार होना चाहिए |अगर मनपसंद जॉब नहीं मिले तो उच्च शिक्षा एक अच्छा अवसर है |
प्रश्न - अभी और कितनी कंपनियों का कैम्पस में आना बाकी है ?
उत्तर - अभी फिलहाल 5 और कंपनियाँ आने वाली हैं तथा विभिन्न रूपरेखा की अन्य कंपनियों से भी आने की बात चल रही हैं |
Monday, September 21, 2009
बॉसम 2009 विजे़ता
खेल | विजे़ता | उपविजे़ता | सर्वश्रेष्ट्र खिलाड़ी |
बास्केटबॉल (लड़कियाँ) | JMC | SRCC | मनौती पासी (JMC) |
बास्केटबॉल (लड़के) | KMC | बिट्स पिलानी | सचिन (KMC) |
वॉलीबॉल (लड़कियाँ) | KNC | बिट्स पिलानी | पराची मालिक |
वॉलीबॉल (लड़के) | BRCM | बिट्स पिलानी | विजय अमलाकर(बिट्स) |
टेबल टेनिस (लड़कियाँ) | बिट्स पिलानी | JUIT, सोलन | हर्षा रस्तोगी (बिट्स) |
टेबल टेनिस (लड़के) | बिट्स पिलानी | IIT कानपुर | ऋषभ श्रोफ (डी. जे. सांघवी) |
क्रिकेट | हंसराज | BKBIET | अमितोज़ सिंह (हंसराज) |
बैडमिन्टन (लड़कियाँ) | बिट्स पिलानी | MNIT | कृति सोनी (बिट्स) |
बैडमिन्टन (लड़के) | TITS | बिट्स पिलानी | कृतेश (बिट्स) |
कैरम | बिट्स पिलानी | बिट्स पिलानी | दीपलॉय दत्ता (बिट्स) |
टेनिस (लड़के) | सरदार पटेल | UCE | जयराज देसाई (सरदार पटेल) |
टेनिस (लड़कियाँ) | बिट्स पिलानी | बिट्स पिलानी | मनीषा (बिट्स) |
टेनिस (मिश्रित युगल) | बिट्स पिलानी | IT-BHU | -- |
हॉकी | IIT – रुड़की | बिट्स पिलानी | राजेश (IIT – रुड़की) |
फ़ुटबाल | SRCC | बिट्स पिलानी | उज्ज्वल मुख़र्जी |
स्क्वैश | बिट्स पिलानी | बिट्स पिलानी | विशेष अग्रवाल |
चेस(क्लासिकल) | IIT – कानपुर व बिट्स पिलानी | -- | |
पज़ल सोल्विंग | बिट्स पिलानी | IPS | -- |
ब्लिट्ज | MNIT | IIT – कानपुर | निपुण चौरसिया |
पदक तालिका
रैंक | कॉलेज | स्वर्ण | रजत |
1 | बिट्स पिलानी | 29 | 31 |
2 | MNIT, जयपुर | 12 | 11 |
3 | SBMJC | 6 | 2 |
4 | MBM | 4 | 0 |
5 | IPS, इंदौर | 3 | 4 |
6 | KITS , रामटेक | 3 | 3 |
7 | RKNC, नागपुर | 3 | 0 |
8 | डी. जे. सांघवी | 2 | 0 |
9 | KMC | 2 | 0 |
10 | MITS | 2 | 0 |
11 | IT-BHU | 1 | 6 |
12 | LIET | 1 | 2 |
13 | IIT – कानपुर | 1 | 2 |
14 | BKBIET | 1 | 2 |
15 | SRCC | 1 | 1 |
16 | JMC | 1 | 0 |
17 | KNC | 1 | 0 |
18 | BRCM | 1 | 0 |
19 | हंसराज | 1 | 0 |
20 | BMIT | 1 | 0 |
21 | TITS | 1 | 0 |
22 | सरदार पटेल | 1 | 0 |
23 | IIT – रुड़की | 1 | 0 |
24 | JUIT, सोलन | 0 | 4 |
25 | JNU | 0 | 1 |
26 | BVRIT | 0 | 1 |
27 | UCE, कोटा | 0 | 1 |
28 | बिट्स हैदराबाद | 0 | 1 |
चैंपियनशिप का विजेता – MNIT, जयपुर