Monday, August 22, 2011

महासचिव पद के प्रत्याशी : अचल गुप्ता


अचल गुप्ता
2009A7PS167P
ML 1266
प्रपोज़र – नमन वार्ष्णेय
सेकेंडर - अभिनव झा

एच.पी.सी :  आपको महासचिव पद के लिए खड़े होने की प्रेरणा कहाँ से मिली ?
अचल : मैं अपने द्वितीय वर्ष में गाँधी भवन का प्रतिनिधि था जहाँ मैंने अपने घोषणा –पत्र (manifesto) के सभी बिंदु पूरे किये, साथ ही इनब्लूम के प्रबंध में काफी योगदान दिया | इससे मुझे काफी अनुभव प्राप्त हुआ |
एच.पी.सी : आप मैं ऐसी क्या योग्यता है, जिसके बल पर आप अपने आप को 4000 बिट्सियन्स को प्रतिनिधित्व करने के काबिल मानते हैं ?
अचल : मैं हमेशा से ही कर्म को महत्त्व देता आ रहा हूँ | मुझे किसी भी प्रकार की राजनीति खेलने में कोई दिलचस्पी नहीं है |
एच.पी.सी : अगर आप चुनाव जीत जाते हैं तो अपनी किस बात पर सबसे पहले अमल करेंगे ?
अचल : सबसे पहले मैं सस्ते दामों पर लैपटॉप दिलवाने का काम करूँगा और डिश टीवी के शुरू होने के सम्बन्ध में काम करूँगा |
एच.पी.सी : डिश टीवी के लगने से केबल के खर्चे में कितनी बढ़ोत्तरी होगी ?
अचल : वर्तमान में हर छात्र केबल के लिए हर महीने 15 रूपए देता है | डिश टीवी के लगने के बाद इस राशि में केवल 1.76 रूपए की वृद्धि होगी और एच.डी चैनल्स को देखने का मौका मिलेगा |
एच.पी.सी : आप SAC और फूडकिंग में वाई-फाई और एयर कूलिंग का प्रबंध करवाना चाहते हैं जिसमें से एयर कूलिंग सिर्फ डिपार्टमेंट्स के कमरों में होगी, क्या इसका पूरा खर्चा एस.यू. देगा ?
अचल : नहीं, इसका खर्चा सिर्फ इन डिपार्टमेंट्स के द्वारा ही होगा |
एच.पी.सी : आप सॉफ्ट-ड्रिंक्स और वेफर्स की मशीन लगवाना चाहते हैं, पिछले साल के अध्यक्ष भी इसी तरह कॉफी मशीन लगवाना चाहते थे, पर वह हो नहीं पाया, इस बारे में आप क्या कहते हैं?
अचल : पिछले साल हर भवन में ऐसी मशीन लगाने की योजना थी परन्तु इस बार सिर्फ एक मशीन ही लगेगी जिससे ये काम संभव हो सकेगा और यह मशीन कृष्णा भवन के पास लगेगी जो कि कक्षाओं के पास की सबसे उपयुक्त जगह है |
एच.पी.सी : आप को कैम्पस में ‘काफी डे एक्सप्रेस’ की क्यों ज़रूरत समझ में आती है ?
अचल : मेरे हिसाब से केवल नेस्केफे का होना उनको एकाधिकार का हक देता है जिससे वो अपने सामान की गुड़वत्ता को गिराते हैं | ‘काफी डे एक्सप्रेस‘ के खुलने से प्रतियोगिता की भावना आएगी और वे अच्छे से अच्छे सामान का उपयोग करेंगे |
एच.पी.सी : क्या आपको लगता है कि ऑडी-रैगिंग के बाद आपकी चुनावी स्थिति में कुछ फर्क आया है?
अचल : ऑडी-रैगिंग के बाद मुझे अपनी चुनावी स्थिति में कुछ खास फर्क नहीं लगता | मैं चाहता था कि मैं ज़्यादा से ज़्यादा सवालों का जवाब दूं, पर मुझसे कुछ खास पूछा ही नहीं गया |
एच.पी.सी : एस यू में आप को क्या खामियां लगती हैं व आप उनको कैसे दूर करना चाहेंगे ?
अचल : मुझे एस यू में सबसे बड़ी कमी एस यू स्वयंसेवकों के काम में लगती हैं क्योंकि उन्हें कोई खास श्रेय नहीं दिया जाता, जिसको सही करने के लिए मैं ओएसिस और अपोजी “टास्क फ़ोर्स” बनाना चाहूँगा जिससे उन्हें काम करने का उत्साह मिले |
एच.पी.सी : आप बिट्सियन्स को क्या सन्देश देना चाहेंगे?
अचल : मैं बिट्सियन्स को यही सन्देश देना चाहूँगा कि वे किसी भी प्रदेश, क्षेत्र इत्यादि के आधार पर वोट न दें, बल्कि सबसे योग्य प्रत्याशी को ही वोट दें |

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